एक महीने में तीसरी बार भूकंप से हिला दिल्ली-एनसीआर, बार बार आते झटके दे रहे हैं बड़ी चेतावनी? क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ?

4553

देश और दुनिया इस वक़्त कोरोना से उबरने की कोशिश कर रहा है लेकिन दिल्ली -एनसीआर के लोग एक अजीब दहशत में जी रहे हैं. ये दहशत है बार बार आने वाले भूकंप के झटकों की. आज रविवार दोपहर को दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिल उठा. हालाँकि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 थी इस वजह से कई लोगों को झटके महसूस नहीं हो पाए और जान माल की कोई हानि नहीं हुई. लेकिन लोगों की टेंशन का कारण है लगातार आते झटके. बीते एक महीने में अब तक दिल्ली-एनसीआर तीन झटकों से हिल चुकी है.

इससे पहले दिल्ली – एनसीआर में 12 अप्रैल की शाम को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे. इस भूकंप का केंद्र पूर्वी दिल्ली था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 थी. दूसरा झटका ठीक अगले दिन 13 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट पर महसूस किया गया था. इसकी तीव्रता 2.7 थी. और आज रविवार 10 मई को आये झटकों की तीव्रता भी 3.5 थी. इसका केंद्र गाजियाबाद के पास था. भूकंप से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी-पानी आया था. आंधी-पानी के बाद भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. तरह तरह की चर्चाएँ चल पड़ी.

लेकिन क्या ये हलके हलके झटके किसी बड़े भूकंप की चेतावनी है? क्या इससे घबराने की जरूरत है? नेशनल सेंटर फॉर सीस्‍मोलॉजी के हेड (ऑपरेशंस) जे एल गौतम ऐसा नहीं मानते. उनका कहना है कि धरती के नीचे कई एडजस्टमेंट चलते रहते हैं. इससे झोटे झोटे झटके महसूस होते रहते हैं. लेकिन बड़े भूकंप अक्सर फाल्ट लाइन के किनारे आती है. जबकि छोटे छोटे झटकों के लिए फाल्ट लाइन की जरूरत नहीं है. हालाँकि ये भी एक तथ्य है कि भूकंप के लिहाज से दिल्ली संवेदनशील जोन में आता है. दिल्ली-एनसीआर को जोन 4 में रखा गया है. इस क्षेत्र में 7.9 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है. इसलिए बार बार आते झटके डर का माहौल बना रहे हैं.