पूरी दुनियां में हर रोज आते हैं करीब 9 हजार भूकंप के झटके

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बीते शुक्रवार की शाम को भारत में बहुत कुछ हुआ, एक तरफ CAA को लेकर हंगामा मचा रहा तो वहीँ दूसरी तरफ शाम 5 बजकर 9 मिनट पर एक उत्तर भारत के कुछ शहरों में भूकंप के झटकों को महसूस किया गया.. दिल्ली एनसीआर समेत पंजाब हरियाणा कश्मीर हिमाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये थे.इसके आलावा भारत के पडोसी अफगानिस्तान में भी ये झटके महसूस किये गये थे, आज हम आपको भूकंप से जुडी कुछ ऐसी जानकारियां और आंकड़े बताने वाले हैं जो आपको जानने चाहिए.

ये आंकड़े ऐसे हैं जिन्हें देखकर बहुत से लोगों को यकीन नहीं होगा, लेकिन ये सभी आंकड़े एकदम सच हैंदुनियां में बहुत कम लोगों को पता होगा कि हर रोज रेक्टर स्केल पर धरती पर करीब 9,000 भूकंप दर्ज किए जाते हैं. 

हर रोज आते हैं करीब 9 हजार भूकंप, लेकिन नहीं होते महसूस

दुनियाभर में हर रोज करीबन 9000 माइक्रो और माइनर केटेगरी के भूकंप आते हैं..लेकिन ये झटके इतने छोटे होते हैं कि अक्सर हमको महसूस ही नही होते. भू विज्ञानी रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो केटेगरी में रखते हैं.

इतना ही नहीं, रेक्टर स्केल पर भूकंप के माइक्रो कैटेगरी के 8,000 झटके दुनियाभर में हर दिन रिकॉर्ड किए जाते हैं. और इस तरह के 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले झटकों को माइनर कैटेगरी में माना है. वहीँ दूसरी तरफ ऐसे 1,000 भूकंप दुनियांभर में हर रोज आते हैं, इन झटकों को भी आमतौर पर हम महसूस नहीं कर पाते हैं.

मुश्किल से ही ऐसे झटके होते हैं महसूस

पूरी दुनियां में हर साल रेक्टर स्केल पर वेरी लाइट और लाइट कैटेगरी के 55,200 भूकंप के झटके रिकॉर्ड किये जाते हैं. और इनमें वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 इंटेंसिटी वाले होते हैं और ये हर वर्ष करीब साल में 49,000 बार रिकॉर्ड किए जाते हैं. हम इन झटकों को महसूस तो कर सकते हैं मगर शायद ही इनसे किसी व्यक्ति को कोई नुकसान पहुँचता होगा.

जिन लाइट कैटेगरी के झटकों की हम यहाँ बात कर रहे हैं उनकी इंटेंसिटी 4.0 से 4.9 तक होती है, और ये झटके पूरी दुनिया में एक साल में 6,200 बार रिक्टर स्केल पर भू विज्ञानियों द्वारा रिकॉर्ड किए जाते हैं. हम इन झटकों को आसानी से महसूस कर सकते हैं, ध्यान से देखने पर इन झटकों की वजह से घर में रखा सामान हिलता हुआ नजर आता है. हालांकि इन झटकों से भी न के बराबर ही हानि होती है.