आज की चौपाल- लोकसभा चुनाव को लेकर राहुल और प्रियंका गाँधी के बीच है वैचारिक मतभेद!

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आज की चौपाल में बात बड़ी खबरों की होगी..खबरों की शुरुआत लोकसभा चुनाव में होने वाले हलचल से करेंगे..लोकसभा चुनाव नजदीक है इसलिए चुनावी पार्टीयां अपने राजनितीक दाव-पेच खेल रही है..चुनाव से पहले सुत्रों की माने तो कांग्रेस युपी के अध्यक्ष राज बब्बर को बदलने की सोच रहे हैं…

1.सूत्रों के अनुसार प्रियंका और ज्योतिरादित्य से मुलाकात और बातचीत में कांग्रेस के 80 फीसदी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को बदलने के पक्ष में खड़े नजर आए. इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज बब्बर बेहतर चुनाव प्रचारक और भीड़ जुटाऊ नेता हो सकते हैं, लेकिन सूबे के मुखिया के तौर पर वे सक्षम नहीं हैं..इसके बाद तय हुआ कि सूबे में पार्टी की कमान किसी ब्राह्मण समुदाय के नेता के हाथों में सौंपी जाए. ब्राह्मण प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर सभी सहमत थे. लेकिन इस बात पर तो सब सहमत हो गए लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राय अलग निकली..सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने युवा चेहरे के तौर पर जितिन प्रसाद और ललितेशपति त्रिपाठी में किसी एक को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए नाम सुझाया. जबकि प्रियंका गांधी ने प्रमोद तिवारी को बनाने के पक्ष में अपनी बात रखी.

प्रियंका गांधी ने अपना पक्ष रखा और तर्क दिया, कि समूचे प्रदेश के लिहाज से प्रमोद तिवारी ही सबसे बेहतर रहेंगे. जबकि जितिन प्रसाद और ललितेश त्रिपाठी अभी पूरे सूबे के लिए फिट नहीं बैठते हैं, उनका जनाधार महज एक सीमित दायरा तक है. इसके अलावा प्रियंका ने ये भी बात रखी कि प्रमोद तिवारी के सपा-बसपा से भी अच्छे रिश्ते हैं. ऐसे में सपा-बसपा के साथ गठबंधन में भी वो मुख्य भूमिका निभा सकते हैं..लेकिन,कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रमोद तिवारी के नाम पर सहमत नहीं दिखे. इसीलिए कार्यकर्ताओं के फीडबैक के बावजूद भी राहुल गांधी, राज बब्बर की जगह दूसरे को अध्यक्ष नहीं बना सके हैं. इसी के चलते अभी तक राज बब्बर की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी बरकरार है. कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पार्टी में जान डालने के मकसद से राजनीति में उतारा..लेकिन मौजूदा हालत तो देख यही लग रहा है कि पार्टी का तो पता नहीं लेकिन राहुल गांधी के लिए प्रियंका कहीं मुसिबत ना साबित हो जाए..

2.चलिए खबरों में आगे बढ़ते है और बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर का शिलान्यास किया..यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ मंदिर, ललिता घाट और मणिकर्णिका घाट के बीच 25 हजार स्क्वेयर वर्ग मीटर में बन रहा है..इसके तहत फूड स्ट्रीट,रिवर फ्रंट समेत बनारस की तंग सड़कों के चौड़ीकरण का काम भी चल रहा है..

इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद आप गंगा किनारे होकर 50 फीट सड़क से बाबा विश्वनाथ मंदिर जा पाएंगे. इसके बावजुद यहां आपको बेहतर स्ट्रीट लाइट्स, साफ़-सुथरी सड़कें, पीने के पानी का इंतजाम भी मिलेगा..इसके अलावा काशी के प्राचीन मंदिरों को संरक्षित किया जाएगा..अभी यहां घनी अबादी इलाका है और भवनों की खरीद और ध्वस्तीकरण का काम तेजी से चल रहा है..कॉरिडोर की जड़ में आने वाले मंदिरों, सड़कों समेत कई इमारतों को संवारा जा रहा है..सरकार काशी को जपान की राजधानी क्योटो की तरह खूबसूरत बनाने की कोशिश में है..

2.वही, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है, सीरीज का तीसरा मैच खेलने के लिए जब टीम इंडिया महेंद्र सिंह धोनी के होमग्राउंड रांची उतरी तो नजारा कुछ अलग ही नजर आया था. ऐसा नजारा क्रिकेट के मैदान पर कभी शायद ही देखने को मिला होगा. दरअसल, टॉस से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों को महेंद्र सिंह धोनी ने आर्मी कैप दी. टॉस के समय कप्तान विराट कोहली ने आर्मी कैप पहनी हुई थी..

भारतीय टीम इस मैच में सेना के सम्मान के लिए सेना जैसी कैप पहन कर उतर रही है. ऑस्ट्रेलिया के पिंक टेस्ट और दक्षिण अफ्रीका के पिंक वनडे की तर्ज पर बीसीसीआई ने एक नई मुहिम शुरू कर दी है, जिसके तहत वह हर साल एक मैच में भारतीय सेना जैसी कैप पहन कर उतरेगी..

बता दें कि इस मैच की फीस पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों की मदद के लिए डोनेट करेगी..