डॉ कफील खान पर योगी सरकार ने कसा शिकंजा, अब रिहाई मुश्किल

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पिछले साल 2019 में CAA और NRC के वि’रोध में लगातार प्र’दर्शन चला. जिसकी वजह से देश के बड़े बड़े शहरों और उनके शिक्षा संस्थानों में हिं’सक प्र’दर्शन किया गया. जिसके कारण पूरे देशभर में त’नाव का माहौल बन गया और जगह जगह दं’गे, आ’ग’जनी जैसी घ’टना होने लगी. इसका मुख्य कारण यह रहा कि लोगों में बिना CAA और NRC को समझे भेड़ चाल की तरह प्र’दर्शन करना शुरू कर दिया . जिसका फायदा वि’पक्षी पार्टियों ने उठाया.

बता दें अलीगढ़ मु’स्लिम यूनिवर्सिटी में CAA के वि’रोध में भ’ड़’काऊ बयान देने के आ’रोप डॉ. कफील खान के खि’लाफ योगी सरकार ने कार्यवाई की हैं. यह कार्यवाई पुलिस और योगी सरकार के द्वारा डॉ कफील खान के खि’लाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गयी है.आपको बता दें शुक्रवार को डॉ. कफील खान को ज’मा’नत पर रि’हाई मिलने वाली थी. लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उनकी अर्जी ख़ा’रिज हो गयी जिसकी वजह से उनके लिए अब मु’श्किले बढ़ गयी है. इससे पहले भी डॉ. कफील खान गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 60 से अधिक बच्चों की मौ’त होने के मामले में चर्चाओं में आये थे. लेकिन इस मामले में भी उनको क्लीन चिट दे दी गयी थी.

दरअसल देशभर में CAA के खि’लाफ चल रहे प्र’दर्शन के दौरान ही अलीगढ़ मु’स्लिम यूनिवर्सिटी में भ’ड़का’ऊ ब’यान देने के आ’रोप में जनवरी में मुंबई से डॉ. कफील खान को गि’रफ्तार किया गया था और उनके ऊपर कार्यवाई भी की गयी थी. वही गिरफ्तार होने के बाद डॉ. कफील खान ने कहा कि मुझे गोरखपुर के बच्चों की मौ’त के मामले में क्लीन चिट मिली थी. उसके बाद भी मुझे फिर से आ’रोपी बनाने की कोशिश की जा रही हैं. इसके लिए मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करूंगा कि मुझे महाराष्ट्र में ही रहने दिया जाए, क्यूंकि मुझे  उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन पर भरोसा नही है.