कोरोना से लड़ने में कितनी कारगर है होम्योपैथी दवा, विशेषज्ञ ने किया ये बड़ा दावा

दुनियाभर के देशों की तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना का कहर थम नहीं रहा है. हर दिन कोरोना के मरीजों की रफ़्तार काफी तेजी से बढ़ रही है. दुनियाभर के देश इस बीमारी का इलाज ढूढ़ने में लगे हुए हैं न ही इसकी दवा बनी है न ही कोई वैक्सीन तैयार हुई है जिससे लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके. अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या 6 लाख से भी ज्यादा हो चुकी है और हर दिन हजारों लोग जान दे रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना ने इस समय पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. हर देश इस बीमारी की दवा बनाने में लगा हुआ है लेकिन कहीं से भी राहतभरी खबर नही आ रही है. अब आयुर्वेद भी इसकी दवा खोजने में लगा हुआ है.

अब ऐसे में सवाल उठता है कि आयुर्वेद कोरोना के इलाज में कितना कारगर है. आयुर्वेद लगातार इम्युनिटी बढ़ाकर कोरोना का इलाज करने का दावा कर रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. बन्ना फाउंडर ऑफ बन्ना ग्रुप एंड कंपनीज ने दावा किया है कि लोगो की होम्योपैथिक के बारे में धारण है कि नतीजे लंबे समय बाद आते हैं लेकिन ऐसा नही है. उन्होंने कहा है कि संक्रमण के दौरान पहले भी होम्योपैथिक का इस्तेमाल किया गया है.

वर्ल्ड फ्लू और जापानी इंसेफेलाइटिस में इसका इस्तेमाल किया गया था तब आंध्र प्रदेश सरकार ने 10 लाख डोज बेलाडोना के दिये थे जिसके नतीजे अच्छे रहे थे. उन्होंने दावा किया है कि एक्यूट बीमारी में होम्योपैथिक दवा का असर बहुत जल्दी होता है.बन्ना ने ये भी बताया कि आज ही नही बल्कि 100 साल पहले भी होम्योपैथिक में एपिडेमिक को लेकर प्रयोग किये गए थे. उन्होने कहा कि पहले जब स्पेनिश फ्लू हुआ था तो उसमें ट्रेडिशनल दवाएं दी गयी थी तो उसका मृत्य दर 30 प्रतिशत था लेकिन होम्योपैथिक दवाएं कारगर सिद्ध हुई थी और भारत मे भी इसका यूज़ किया गया था