ट्रम्प के भारत आने से एक दिन पहले दिल्ली और यूपी में अचानक से हिं’सा भड़’की नहीं बल्कि सा’जिश के जरिये भ”ड़काई गई?

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रविवार का दिन आमतौर पर छुट्टी का दिन होता है. लेकिन दिल्ली और अलीगढ के लिए ये अरा’जकता और हलचल का दिन रहा. अचानक शनिवार की रात को दिल्ली के जाफराबाद में सड़क पर महिलाओं ने कब्ज़ा कर लिया. रविवार शाम होते होते हिं’सा भी भ’ड़क उठी. फिर खबर आई कि अलीगढ में भी CAA के विरोध में हिं’सक प्रदर्शन हुए. ऐसे में अब सवाल उठता है कि इतने दिनों से शांत दिल्ली और यूपी में अचानक से ट्रम्प के आने से एक दिन पहले हिं’सा कैसे भड़’क गई जबकि सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के दावे किये जा रहे हैं. कहीं ये सब एक साजिश तो नहीं? कहीं ये सब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश तो नहीं. अगर पिछले दो दिनों की घटनाओं पर नज़र डालें तो हालात और घटनाक्रम कुछ कुछ इसी ओर इशारा करते हैं.

शनिवार को शाहीन बाग़ में एक रास्ता खुल गया. इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों की बड़ी सफलता बताई गई. फिर ये खबर भी आई कि प्रदर्शनकारियों में फूट पड़ गई है. तथाकथित आंदोलन ख़त्म होने और कमजोर होने के कगार पर पहुँच गया. लेकिन तभी शनिवार की रात को अचानक से जाफराबाद में सैकड़ों महिलायें सड़क पर आ कर बैठ गईं. अब सवाल ये उठता है कि अचानक से इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को इकठ्ठा किसने किया?

दिसंबर में हुई हिं’सा के बाद जाफराबाद और सीलमपुर का इलाका शांत चल रहा था. शाहीन बाग़ का जलवा कम होता नज़र आया तो तुरंत जाफराबाद में महिलाओं को सड़क पर बैठा दिया गया. ये काम भी उसी गुट का है जो शाहीन बाग़ में प्रदर्शन को ऑर्गनाइज कर रहा है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ट्विटर पर शाहीन बाग़ ऑफिशियल और CAA/NRC प्रोटेस्ट इन्फो के ट्विटर हैंडल से लोगों को जाफराबाद में जमा होने के लिए ट्वीट किया गया. बिना किसी ऑर्गनाइजेशन के जाफराबाद जैसे पिछड़े इलाके के लोग बिना किसी उकसावे के सड़क पर खुद आ कर आधी रात को नहीं बैठ सकते.

दिल्ली के बाद अलीगढ में भी रविवार को हिं’सा की खबरें आई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी भारत यात्रा के दौरान आगरा भी जाने वाले हैं. आगरा से अलीगढ की दूसरी करीब 80 किलोमीटर है. अलीगढ भी लम्बे समय से शांत था लेकिन अचानक से ट्रम्प की यात्रा से एक दिन पहले वहां हिं’सा भड़क गई.

CAA के खिलाफ लोगों को उकसा कर प्रोटेस्ट पर बैठाने वाले संगठन अच्छी तरह से जानते हैं कि ट्रम्प की यात्रा के दौरान दुनिया भर की मीडिया की निगाहें भारत पर होगी. भारत भी कोशिश में है कि ट्रम्प का अच्छे से स्वागत हो सके ताकी ट्रेड डील की दिशा में कुछ प्रगति हो. इसलिए ट्रम्प के भारत पहुँचने से ठीक एक दिन पहले देश की राजधानी दिल्ली और दील्ली से सटे यूपी में हिं’सा भड़का कर भारत की छवि को नुक्सान पहुंचाया जा सके. पहले भी CAA विरोधी हिं’सा में PFI नाम के संगठन का हाथ सामने आ चुका है.