कश्मीर पर बयान दे कर फंस गए ट्रम्प, उनके अपने ही देश में हो गया ये हाल

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सोमवार को व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाक़ात की .इमरान खान तीन दिनों के अमेरिका दौरे पर हैं . बातचीत के दौरान इमरान खान ने ट्रम्प से कश्मीर मसले पर मध्यस्तता करने की गुहार लगाईं.  इमरान खान ने कहा – “मैं प्रेजिडेंट ट्रंप से कहना चाहता हूं कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और वह उपमहाद्वीप में शांति में अहम योगदान दे सकता है। कश्मीर मुद्दे का समाधान दे सकता है। मेरा कहना है कि हमने भारत के साथ बातचीत को लेकर हर प्रयास किया है।”

इमरान के गुहार पर ट्रम्प ने जवाब देते हुए कहा – “दो सप्ताह पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मेरी बात हुई थी। हमारी इस मुद्दे पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि क्या आप मध्यस्थ हो सकते हैं। यह मुद्दा बीते 70 साल से लटका हुआ है और हमें खुशी होगी यदि हम इसमें कोई मध्यस्थता कर सके।“

हालाँकि ट्रम्प और इमरान खान की बातचीत के बाद व्हाइट हाउस द्वारा जारी किये गए प्रेस रिलीज में कश्मीर मुद्दे का कोई जिक्र नहीं था .लेकिन ट्रम्प के इस बयान के बाद वाशिंगटन से लेकर नई दिल्ली तक तहलका मच गया . भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तुरंत ट्रम्प के उस बयान को नकार दिया जिसमे दावा किया गया था कि पीएम मोदी ने ट्रम्प से कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्तता करने का प्रस्ताव दिया था . रवीश कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा – “हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिए उस बयान का देखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।“

रवीश कुमार ने एक और ट्वीट कर साफ़ कहा कि भारत, पाकिस्तान के साथ  अपने सभी मुद्दों को आपसी बातचीत के जरिये  सुलझाना चाहता है . उन्होंने ट्वीट किया – पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक जरूरी होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के द्विपक्षीय रूप से समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा।’ 

ट्रम्प के बयान का भारत द्वारा तत्काल खंडन के बाद ट्रम्प अपने ही देश में घिर  गए . अमेरिकी मीडिया से लेकर कांग्रेसमैन तक सबने डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को बचकाना और अपरिपक्व बताया साथ ही ये भी ट्रम्प ने ये बयान दे कर भारत के साथ अमेरिका के राजनैयिक रिश्तों को दांव पर लगा दिया .

कांग्रेसमैन ब्रैड शेरमन ने ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए इसे अपरिपक्व और गलत बताया . शेरमन ने साफ़ साफ़ कहा कि ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं और मोदी ने ऐसा कोई आग्रह कभी नहीं किया . शेरमैन ने ट्वीट कर कहा – दक्षिण एशिया की राजनीति के बारे में थोड़ी भी जानकारी रखनेवाले सभी लोग जानते हैं कि भारत कश्मीर में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का हमेशा विरोधी रहा है। सभी लोग जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर पर मध्यस्थता का आग्रह कभी नहीं करेंगे। ट्रंप का इस बारे में दिया बयान अपरिपक्व, भ्रामक और शर्मिंदगी देनेवाला है।” उन्होंने ट्वीट कर अमेरिका में भारत के एंबेसडर हर्ष श्रृंगला से माफी भी मांगी.

अमेरिकन फाइनेंशियल टाइम्स के एडिटर एडवर्ड लूस ने ट्रम्प के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि “ट्रम्प ने आज कश्मीर पर बयान दे कर अपनी अक्षमता का प्रदर्शन किया है . भारत-पाकिस्तान की स्थिति से अपरिचित लोगों को यह एहसास नहीं हो सकता है कि कश्मीर विवाद पर मध्यस्थता करने की उनकी पेशकश उनके द्वारा की गई सबसे अधिक परिणामी गलतियों में से एक है।“

ट्रम्प के बयान पर उनकी छीछालेदर के बाद व्हाइट हाउस डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश करने लगा . व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ कुछ कार्रवाई की है, लेकिन उसे अपनी ज़मीन से आतंक को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है. इसी के साथ व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका की हमेशा से नीति रही है कि कश्मीर मसला भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है. ट्रंप के बयान के बाद हो रही आलोचना पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी सफाई दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है।