भारत के व्यापार से परेशान क्यों हैं डोनाल्ड ट्रम्प ?

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अमेरिका जनरलाईज़ सिस्टम ऑफ़ प्रेफरेंस से भारत को बहार निकलने के लिए सोच रहा है जिससे हमारे देश पर आर्थिक संकट मंडरा सकता है . अमेरिका को लगता है कि भारत मोस्ट फेवर्ड नेशन है.

भारत अभी पुलवामा आतंकी हमले के दुःख से उबरा ही नहीं है कि एक और झटका अमेरिका के तरफ से हमारे सामने आ गया है. भारत अभी आतंकी गतिविधियों से निपटने की कोशिश कर रहा और दूसरी ओर  चुनाव भी हमारे सामने है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की नयी नीति और रीतियों पर काम कर रहे हैं . वहीं कल तक हमारा साथ देने वाला अमेरिका हमारे साथ कुछ ऐसा करने वाला है जिससे हमारे देश की अर्थिक स्थिति खराब हो सकती है.

दरअसल अमेरिका के  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को जनरलाइज सिस्टम ऑफ़ प्रेफेरंस (GSP) से भारत को बहार निकलने की बात की है.  यह बयान देकर ट्रम्प ने वैश्विक आर्थिक गलियारे में नई हलचल पैदा कर दी है. ट्रंप ने अमेरिका की संसद ‘कांग्रेस’ को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है.अगर ऐसा सचमुच में हुआ तो फिर अमेरिकी बाजार में 5.6 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय उत्पादों के लिए ड्यूटी फ्री यानी शुल्क-मुक्त एंट्री का दरवाजा बंद हो जाएगा. यह एक बड़ा आर्थिक झटका होगा. ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह भारत के लिए शुल्क मुक्त ट्रीटमेंट को खत्म करने का इरादा रखते हैं.

गौरतलब है कि अमेरिका हमेशा से भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन के नाम से बुलाता है.आपको बता दें कि GSP के तहत अमेरिका अपने देश में विकासशील देशों से बिना टैक्स लगाए सामान मंगवाता है . अगर इसे अन्य शब्दों में बताए तो इस पर इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं लगती.

अमेरिका द्वारा 120 देशों को यह सुविधा दी गई है. जिसमें 4800 सामानों का आयात होता है. जिसपर इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं लगती है जिससे उन देशों के सामान कम दरों पर बिकते हैं . अगर इन सामानों पर आयात कर लगाया जाएगा तो सामान महंगा होगा और लोग इन्हें ज्यादा नहीं खरीदेंगे .अमेरिका इन देशों में से भारत और तुर्की को GSP से निकालने का निर्णय लेने वाला है.

आपको बता दें कि 2017 में जब ट्रम्प सत्ता में आए थे तो उन्होंने यह कसम खाई थी कि अमरीका को व्यापारिक घाटे से उभारेंगे .बहरहाल  जीएसपी के तहत अगर भागीदारी समाप्त होती है तो 2017 में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से यह भारत के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई होगी.

अमेरिका के राष्ट्रपति का मानना है कि भारत पूर्णरूप से व्यापारिक सहयोग नहीं दे रहा है  यही वजह है कि अमेरिकी उत्पादों पर भारत मोटा टैक्स वसूल रहा है. ट्रंप कई बार और कई मंच से यह बात कह चुके हैं. उनका मानना है कि भारत ऐसा देश है, जो अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा टैरिफ थोपता है. इसके जवाब में उन्होंने भी भारत के उत्पादों के अमेरिकी बाजार  में ड्यूटी फ्री प्रवेश रोकने की सोची है. ट्रंप ने कहा,” मैं यह कदम इसलिए उठा रहा हूं क्योंकि अमेरिका से गहन जुड़ाव के बाद भी भारत ने अमेरिका को यह आश्वासन नहीं दिया है कि वह भारत के बाजार में समान और उचित पहुंच प्रदान करेगा.

अमेरिका के व्यापर प्रतिनिधि ने बताया कि भारत को GSP से बाहर निकलने का निर्णय रास्ट्रपति द्वारा अधियामित किया जा साकता है. उनके अनुसार 2017 में भारत अमेरिका के बिच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापर घटा 27.3 बिलियन डॉलर का था.

गौर फरमाने वाली बात यह है कि GSP कार्यक्रम में दुनिया के बड़े देशों में से एक भारत है . अगर भारत को इस कार्यक्रम से निकला गया तो फिर हमारी आर्थिक स्थिति चरमरा जाएगी और भी तरफ के संकट से हम घिर जाएँगे

अमेरिका का यह कदम हमारे देश के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. सोचने वाली बात यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक से यह फैसल क्यों लिया. क्योंकि कल तक एयर स्ट्राइक और पुलवामा अटैक को लेकर अमेरिका ने हमारा पुरजोर समर्थन किया था . आज उनका यह कदम हमे खल रहा है. अमेरिका दुनियां का सबसे शक्तिशाली देश है और वहाँ का राष्ट्रपति दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान होता है. एयर स्ट्राइक के बाद भारत के प्रधानमंत्री की छवी विश्व में एक कुशल शासक के रूप में हो बन गई है . और कहीं न कहीं उनकी फैन फौलोविंग ज्यादा बढ़ गई है . तो कहीं ऐसा तो नहीं कि विश्व के सबसे शक्तिशाली इंसान को भारत की उभरती छवी से हो रही है दिक्कत .