उस रात, मौत के चंद घंटों पहले क्या हुआ था दिव्या भारती के साथ, जानें पूरी कहानी

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मौत एक सच है. लेकिन असमय मौत कई सवाल खड़े करती है. यही मौत जब रहस्य बन जाए, तो मुसीबत बन जाती है. भारत में भी कई लोगों की मौत आज भी रहस्य है. सियासी हस्तियों से लेकर फिल्मी सितारों तक, कई ऐसे नाम हैं, जिनकी मौत के रहस्य से आज तक पर्दा नहीं उठ सका है. इसमें बॉलीवुड अदाकारा श्रीदेवी का नाम भी शामिल हो गया.यूं तो श्रीदेवी की मौत एक हादसा बताई जा रही थी . दुबई पुलिस इस केस को बंद भी कर चुकी है. लेकिन सवाल खड़े करने वाले तमाम तरह की दलील दे रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि जब श्रीदेवी शराब पीती ही नहीं थी, तो उनके शरीर में अल्कोहल आया कैसे?

यहां तक कहा जा रहा है कि श्रीदेवी 48 घंटे तक होटल से बाहर क्यों नहीं निकली थीं? कानूनी नजरिए से श्रीदेवी की मौत एक हादसा है, लेकिन कुछ उसी तरह जिस तरह मशहूर अदाकारा दिव्या भारती की मौत. 90 के दशक में युवाओं की दिल की धड़कन बन चुकी दिव्या भारती की मौत भी कुछ इसी तरह हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया.खूबसूरती और जबरदस्त एक्टिंग से मन मोह लेने वाली दिव्या की अपने ही घर में मौत हो गई. बॉलीवुड में दिव्या भारती जैसी शायद ही कोई हीरोइन रही हो जिसने करियर के पहले साल में ही 12 फिल्में कीं, जबरदस्त हिट हुई . 20 मई, 1992 को बॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसरऔर डायरेक्टर साजिद नाडियाडवाला से शादी कर ली.अपनी मौत वाले दिन ही दिव्या ने मुंबई में ही अपने लिए नया 4 बीएचके का घर खरीदा था और डील फाइनल की थी। दिव्या ने ये खुशखबरी अपने भाई कुणाल को भी दी थी।

दिव्या उसी दिन शूटिंग खत्म कर के चेन्नई से लौटी थीं। उनके पैर में भी चोट थी। रात के करीब 11 बज रहे थे। इसी वक्त दिव्या कमरे की खिड़की की तरफ गईं और वहीं से तेज आवाज में अपनी नौकरानी से बातें कर रही थीं। दिव्या के लिविंग रूम में कोई बालकनी नहीं थी लेकिन इकलौती ऐसी खिड़की थी जिसमें ग्रिल नहीं थी। उसी खिड़की के नीचे पार्किंग की जगह थी जहां अकसर खई गाड़ियां खड़ी रहती थीं। उसी दिन वहां कोई गाड़ी नहीं खड़ी थी। खिड़की पर खड़ी दिव्या ने मुड़ कर सही से खड़े होने की कोशिश कर रही थीं कि तभी उनका पैर फिसल गया। दिव्या सीधे नीचे जमीन पर जाकर गिरीं। पांचवे माले से गिरने के कारण दिव्या पूरी तरह खून में लतपत थीं। उन्हें तुरंत ही कूपर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अफसोस कि तब तक देर हो चुकी थी।

पांच साल तक इंवेस्टीगेशन करने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस वजह नहीं पता चली। नतीजतन, पुलिस ने रिपोर्ट में नशे में बालकनी से गिरने को ही कारण बताया। ये गुत्थीआजतक सुलझ नहीं पाई है कि दिव्या की मौत हत्या थी या आत्महत्या। अगर वे दुखी थीं तो अपने लिए घर क्यों खरीदा? क्या वाकई उनके पति की कोई साजिश थी? जो भी हो, दिव्या सबके दिलों में आज भी बसती हैं।