उद्धव ठाकरे के इस फैसले के बाद मचा महागठबंधन में भूचाल

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महाराष्ट्र सरकार को लेकर आये दिन खींचतान दिखती हुई नजर आ रही है. महाराष्ट्र में शिवसेना,एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया था. लेकिन अगर बात करें तीनो पार्टियों की तो तीनो की विचारधारा अलग होने के बाजूद भी सरकार बन गई . इससे साफ़ नजर आ रहा है की सत्ता की कुर्सी पाने के लिए कोई भी पार्टी किसी से भी हाँथ मिला सकती है. सरकार बनाने के बाद भी अभी तक सरकार में सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है. कही ना कहीं बागवत की बू सामने आ जाती है..

अब बात करते है नागरिकता संशोधन अधिनियम, राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण और राष्ट्रीय जनसंख्या सूची के देशव्यापी विरो’ध के बाद भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1 मई से 15 जून तक एनपीआर के तहत सूचनाएं कलेक्ट करने की अधिसूचना जारी कर दी है. हालांकि, इसको लेकर महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे की सरकार में इन बातों को लेकर सहयोगी दलों के बीच तना’तनी भी देखने को मिल रही है.

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि ‘एनपीआर के प्रावधानों पर कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा. इस संबंध में कांग्रेस के मंत्री सरकार से बात करेंगे’ वहीं, शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने कहा कि ‘उद्धव साहब ने साफ-साफ कहा है कि एनपीआर अगर जनगणना जैसा ही है, तो कोई बात नहीं, क्योंकि जनगणना तो हर 10 साल में होती ही है’. उद्दव के इस फैसले के बाद से सहयोगी दलों के बीच खीं’चतान साफ दिख रही है. एनसीपी ने इस बारे में अपने पत्ते खोलने से मना कर दिया है. बता दें कि एनपीआर के संबंध में महाराष्ट्र सरकार भी जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी. इसकी पुष्टि मुंबई स्थित केंद्रीय जनगणना कार्यालय ने की है. लेकिन ऐसा लगता है कि एनसीपी, और कांग्रेस पार्टी सीएए और एनपीआर का विरोध करेगी. अब देखना है कि उद्दव ठाकरे इस पर क्या फैसला लेते हैं.