ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोकने के लिए कमलनाथ ने चली ये चाल

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कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार में सियासी ऊठा-पटक थमने का नाम नही ले रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच शह-मात का खेल चल रहा है. कल हमने बताया था कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटे खाली हो रही है. जिसमे ये कयास लगाये जा रहे है कि प्रियांका गाँधी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है. जिसको लेकर सत्ता पर काबिज कांग्रेस सरकार के दो दिग्गज नेता के बीच घमासान मचा हुआ है. जो कम होने का नाम नही ले रहा है.

ऐसा लग रहा है कि कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूरी तरह से घेरने की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने  सिंधिया को राज्यसभा ना भेजने की वजह से प्रियंका गांधी का कार्ड खेला है. माना जा रहा है कि प्रियंका को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने का ये दांव कमलनाथ गुट की ओर से चला गया है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में तीन राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं. जिनमें से दो सीटें विधायकों के आंकड़े के लिहाज से कांग्रेस के खाते में आ रही हैं. इन सीटों के लिए दिग्गज नेताओं के बीच जोर आजमाइश तेज हो गई है. इस रेस में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अन्य कई और नेता भी इस कतार में लगे हुए हैं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह में रोड़े अटका सकते हैं या उनको राज्यसभा जाने से रोक सकते है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने के पीछे कहीं ज्योतिरादित्य को घेरने को पीछे रखने के लिए कहीं सरकार सियासी खेल तो नही खेल रही है.

मध्य प्रदेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ दिन पहले ‘सड़क पर उतरने’ वाले बयान के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सिंधिया को लेकर अपनाी आंखे तरेर ली है और शायद यही वजह है कि कमलनाथ और सिंधिया के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. इसी के बाद ये माना जा रहा है कि सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस से साइड लाइन करने की कोशिश की जा रही है.  इसी के तहथ कमलनाथ सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सोमवार को ट्वीट कर ‘प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की मांग की है.’

सज्जन सिंह वर्मा ने अपने दूसरे ट्वीट में ये लिखा है,  ‘इंदिरा गांधी जी, अनुसूचित जाति जनजाति एवं महिला वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध थीं. उन्हीं के पद चिन्हों पर प्रियंका जी चल रही हैं. जिस तरह इंदिरा जी कमलनाथ जी को मध्य प्रदेश में लाई थीं, उसी तरह अब प्रियंका गांधी जी को प्रदेश से राज्यसभा में लाने का वक्त आ गया है.’

बता दें कि संख्या बल में कांग्रेस भाजपा से आगे है. राज्यसभा के तीन सीटों के लिए होने वाले चुनाव में हर प्रत्याशी को कम से कम 58 वोट की जरूरत होगी. तो कांग्रेस की तरफ से एक नेता का जाना तय माना जा रहा है. बाकी देखना ये है कि सिंधिया और दिग्विजय में से कांग्रेस पार्टी किसको राज्यसभा भेजती है.