प्रशांत किशोर ने किया नितीश के खिलाफ जंग का ऐलान, जमकर सुनाई खरी-खोटी

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नरेंद्र मोदी पहली बार 2014 को देश के प्रधानमंत्री बने थे. कांग्रेस सरकार से जनता काफी प्रताड़ित थी. इसलिए जनता ने देश के लिए एक नया प्रधानमंत्री चुना जो देश के लिए काफी कारगर साबित हुआ. वो ऐसा वक़्त था जिस टाइम नरेन्द्र मोदी की चुनावी आंधी थी. मोदी ने उस वक़्त कांग्रेस जो लगातार 10 साल से सत्ता में थी. उसको उखाड़ फेंखा था. मोदी की जीत के बाद एक नाम काफी चर्चा में आया और वो नाम था प्रशांत किशोर का था.

प्रशांत किशोर को लेकर लोगों को ये लगने लगा कि उनकी वजह से मोदी सत्ता में आये है. चलो मान लेते है ऐसा हुआ कहीं न कही प्रशांत किशोर की मोदी को चुनाव जीतने में मेहनत की थी. उसके बाद से प्रशांत किशोर को कई पार्टियों ने अपने पार्टी की चुनावी रणनीतिकार मानने लगे थे. उसके बाद कुछ ऐसा हुआ की प्रशांत किशोर ने बीजेपी को अलविदा कह दिया और JDU से हाँथ मिला लिया.

सब अच्छा चल रहा था की प्रशांत किशोर और नितीश कुमार के बीच खटास पैदा होने लगी और आज दोनों के राश्तेजुदा हो गए है. कुछ दिन पहले जब PK CAA को लेकर विरोध किया था उससी के बाद से उनके उपर तलवार लटकने लगी थी. उसके कुछ दिन बाद नितीश ने PK को पार्टी से निकाल दिया.

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से अलग होने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए पूर्व उपाध्यक्ष PK ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार  को पितातुल्य बताया. उन्होंने कहा कि वह ‘नीतीश के फैसले को स्वीकार करते हैं. उस पर कोई टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे.’ इस दौरान प्रशांत किशोर ने नीतीश के बीजेपी के साथ गठबंधन पर सवाल उठाए. प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ नाम से कैंपेन की शुरू करने का ऐलान किया है.

प्रशांत किशोर ने बीजेपी के साथ नितीश के गठबंधन पर कहा, ‘आपके झुकने से भी बिहार का विकास हो रहा है, तो मुझे आपत्ति नहीं है.’ क्या इस गठबंधन के साथ रहने से बिहार का विकास हो रहा है, सवाल यह है’ लेकिन इतने समझौते के बाद भी बिहार में इतनी तरक्की हो गई है? क्या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला?

जनता दल (यू) में उपाध्यक्ष की भूमिका निभा चुके प्रशांत किशोर ने मंगलवार को एक नई लकीर खींचने का ऐलान किया है. ‘पीके ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो बिहार में पंद्रह साल से सत्ता में है और मुख्यमंत्री है. लेकिन उसके बाद भी बिहार में तरक्की नहीं हुई.’ ‘पीके ने कहा की बिहार में सुशासन बाबु के नाम से मशहूर नितीश कुमार ने विकास किया है ये बात मैंने मानता हूँ.’ दरअसल,विकास के 20 बड़े मानकों में आज भी बिहार पिछड़ रहा है. अब देखने वाली बात ये है की इससी साल के अंत में बिहार के विधानसभा चुनाव होने है. तो क्या पीके का JDU से जाना से बीजेपी और JDU को कुछ बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा या नहीं क्या PK फैक्टर बिहार चुनाव में चलेगा.