दिग्विजय सिंह ने दिया ऐसा बयान कि मच गया तूफ़ान, भाजपा पर लगाये गंभीर आरोप

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उलूल जुलूल बयानों के लिए कुख्यात दिग्विजय सिंह ने अपने ताजे दिए बयान में कहा है कि “जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वे लोग बजरंग दल, बीजेपी और आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। आईएसआई के लिए जासूसी मुसलमान कम कर रहे हैं और गैर-मुसलमान ज्‍यादा कर रहे हैं.”

अब आइये आपको जरा इतिहास पर ले चलते हैं. भारतीय इतिहास में आपने जयचंद के बार में जरूर पढ़ा होगा. वही गद्दार जिसने हिन्दू राजा पृथ्वी राज चौहान को हराने के लिए अफगानिस्तान से आये आक्रान्ता मोहम्मद गोरी की मदद की. अगर दिग्विजय सिंह को आधुनिक भारतीय इतिहास के जयचंद के रूप में वर्णित किया जाए तो गलत नहीं होगा. ये बात हम यूँ ही नहीं कह रहे बल्कि दिग्विजय सिंह ने खुद कई ऐसी वजहें दी हैं कि उनका नाम आधुनिक इतिहास के जयचंद के रूप में लिखा जाए.

2008 में जब पाकिस्तान से आये आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था तो पुलिस ने एक आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ा था. पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह पाकिस्तान से आतंकी आये और उन्होंने 4 दिनों तक मुंबई को दहला कर रखा. लेकिन दिग्विजय सिंह ने एक किताब लॉन्च की जिसका नाम था “26/11 rss की साजिश”. इस किताब को लिखा था उर्दू सहारा समाचारपत्र के चीफ एडिटर अजीज बर्नी ने. इस किताब में मुंबई हमले का सारा दोष पाकिस्तान और वहां से आये आतंकियों की बजाये भारत के सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर डाल दिया गया था. ये सीधे सीधे पाकिस्तान को बचाने की साजिश थी और किताब को लांच करके दिग्विजय सिंह भी उस साजिश में शामिल हो गए जो उन्हें जयचंद साबित करता है. जरा सोचिये, अगर हवलदार तुकाराम आंबले ने अपनी जान की परवाह किये बगैर कसाब को न पकड़ा होता तो कांग्रेस की तत्कालीन सरकार इस आतंकी हमले को हिन्दू आतंकवाद साबित कर चुकी होती. 26/11 के हमलावरों ने मंदिर से कलावा खरीदा और हाथों में बाँधा ताकि हिन्दू दिख सकें. आतंकियों को भी पता था कि अल्पसंख्यक वोट के लालच में दिग्विजय सिंह जैसा नेता तो है ही पाकिस्तान को बचाने के लिए. वो तो दिग्विजय सिंह का बस नहीं चलता वरना वो कारगिल और 1971 के युद्ध के लिए भी rss को दोषी ठहरा दें.

UPA शासन के दौरान दिग्विजय सिंह कांग्रेस के उन नेताओं में से थे जिन्होंने हिन्दू आतंकवाद शब्द ईजाद किया था. यूँ तो देश पर हुए हर आतंकी हमले के बाद एक गीत गाया जाता है कि “आतंक का कोई धर्म नहीं होता”. लेकिन कांग्रेस नेताओं ने हिन्दू आतंकवाद की खोज कर ली. आतंकियों को जितनी इज्जत दिग्विजय सिंह देते हैं उतनी तो आतंकियों के परिवार वाले भी नहीं देते होंगे. ओसामा जी, हाफिज सईद जी, ये तो चंद किस्से हैं दिग्विजय सिंह के. सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत माँगना, एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़े करना. ऐसा लगता है दिग्विजय सिंह फुल टाइम पाकिस्तान के प्रवक्ता और पार्ट टाइम कांग्रेस के नेता हैं.

दिग्विजय सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान के लिए जासूसी मुस्लिम कम और गैरमुस्लिम ज्यादा करते है? दिग्विजय ये बताना भूल गए कि उनमे से भी पाकिस्तान के आधे मददगार तो कांग्रेस पार्टी में ही बैठे हुए हैं और जो आधे बचे मददगार है, टुकड़े टुकड़े गैंग है. उसके समर्थन के लिए कांग्रेस हमेशा तैयार रहती है. तभी तो अब पाकिस्तानी भी खुल कर कहते हैं कि हमारे कई शुभचिंतक है भारत में. आज कांग्रेस जिस गड्ढ़े में गिरी हुई है ना उसे खोदने में दिग्विजय सिंह का भी बड़ा योगदान है.