सुबह सुबह क्यों ली शपथ, देवेन्द्र फडनवीस ने खोला राज

23 नवंबर 2019 की सुबह देवेन्द्र फडनवीस ने एनसीपी नेता अजीत पवार के साथ सुबह सुबह शपथ लेकर तहलका मचा दिया था. हालाँकि बहुमत न हो पाने के कारण 4 दिनों तक चले राजनीतिक ड्रामे का अंत हो गया और फडनवीस को इस्तीफ़ा देना पड़ा. अब जा कर फडनवीस ने सुबह सुबह बिना किसी को बताये शपथ ग्रहण के रहस्य को ले कर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

फडनवीस ने कहा कि “अजित पवार ने कुछ विधायकों से मेरी बात भी कराई थी, जिन्होंने कहा था कि वे बीजेपी संग जाना चाहते हैं. इसके अलावा उन्होंने खुद कहा था कि उन्होंने शरद पवार से भी इस संबंध में बात कर ली है.” फडनवीस ने ये भी कहा कि अजीत खुद उनके पास आये थे. उन्होंने कहा था कि तीन पार्टियों की सरकार चलाना मुश्किल है. एनसीपी, कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहती. स्थिर सरकार के लिए एनसीपी भाजपा के साथ आना चाहती है. फिर उसके बाद अजीत ने कुछ विधायकों से फडनवीस की बात कराई जिसके बाद शपथ ग्रहण का फैसल किया गया.

फडनवीस ने बताया कि अजीत पवार ने उन्हें एनसीपी के सभी 54 विधायकों का समर्थन दिलाने का वादा किया था. तभी शपथ ग्रहण का फैसला किया गया लेकिन ये दांव उल्टा पड़ गया. शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व ने एनसीपी सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई और अजीत पवार अकेले रह गए.

आपको बता दें कि कोर्ट द्वारा तय किये गए फ्लोर टेस्ट के नियत समय से पहले ही फडनवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अजीत पवार ने स्तीफा दे दिया जिसके बाद फडनवीस को भी इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर होना पड़ा.

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