उपमुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस और एनसीपी में मचा घमासान

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिल कर सरकार तो बना ली लेकिन लगता है कि अंदरखाने सब ठीक नहीं है. क्योंकि उपमुख्यमंत्री के पद को लेकर तीनों पार्टियों में गतिरोध अभी तक दूर नहीं हुआ है. एनसीपी पहले से ही उपमुख्यमंत्री का पद चाहती थी लेकिन बाद में कांग्रेस ने भी इस पद पर अपना दावा ठोक दिया. कांग्रेस की मांग है कि राज्य में दो दो उपमुख्यमंत्री का पद होना चाहिए. लेकिन एनसीपी इसके लिए तैयार नहीं. इसलिए एनसीपी ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री पद पर फैसला 22 दिसंबर के बाद किया जाएगा.

एनसीपी सेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि “डेप्युटी सीएम की पोस्ट एनसीपी के पास है और हम इसे 22 दिसंबर के बाद भरेंगे, जब विधानसभा का सत्र समाप्त हो जाएगा।“ कहा तो ये भी जा रहा है कि सिर्फ कांग्रेस से ही नहीं बल्कि खुद एनसीपी के अन्दर भी उपमुख्यमंत्री पद के लिए हायतौबा मची हुई है.

बगावत करके भाजपा के साथ जाने वाले और फिर वापस आने वाले अजीत पवार खुद उपमुख्यमंत्री का पद चाहते हैं लेकिन इस मसले पर जब भी एनसीपी से पूछा जाता है तो उनके नेता चुप्पी साध जाते हैं. इससे पहले स्पीकर पद के लिए भी कांग्रेस और एनसीपी में खींचतान मची थी लेकिन अब ये तय हो गया है कि स्पीकर कांग्रेस का होगा क्योंकि कांग्रेस ने नाना पटोले का नाम स्पीकर के लिए आगे कर दिया है. भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार किसन कठोरे का नाम स्पीकर के लिए आगे किया है.

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