क्या है दिल्ली की लोकसभा सीटों का गणित?

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ऐतिहासिक इमारतों को खुद में समेटे हुए यह शहर… जिसके एक कोने पर लाल किला है ओ दुसरे किले पर कुतुमीनार है.. इसके साथ-साथ यहाँ पर कई एतिहासिक ईमारत है…

मुग़ल शासकों से लेकर हिन्दू राजाओं  तक सभी ने इसपर राज किया है….. तभी तो यहाँ हिन्दू मुस्लिम की मिली जुली सभ्यता देखने को मिलती है…. कहीं चान्दिनी चौक की तंग गलियाँ है तो कहीं south ex के इलीट सोसाइटी…

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जी हाँ हम बात कर रहे है भारत के दिल दिल्ली की.. दिल्ली के खाने जितने चटपटे, तीखें और लज़ीज़ हैं वैसे ही यहाँ की सियासत भी…  एक तो यह केन्द्रशासित प्रदेश है .. और यहाँ केंद्र और राज्य दोनों सरकार का दबदबा होता है …

जैसे अगर हम एक चादर को अकेले ओढ़े तो हम आराम से उसमे सो पातें है लेकिन वहीं कोई और उस चादर को शेयर करेने लगता तो खीचातानी लाज़मी है … और ऐसा ही कुछ होता आ रहा है दिल्ली के साथ…

जैसे अभी की बात करें तो दिल्ली में आप की सरकार है और केंद्र में बीजेपी की सरकार…इसलिए तो हमेशा इनके बीच खीचा तानी होती है…

वैसे हम आपको याद दिला दें की जब दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं और केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार थी तो delhi का डेवलपमेंट रेट काफी हाई था…

वैसे आज हम चर्चा करेंगे दिल्ली के 7 लोकसभा सीटों के बारे में

सबसे पहले न्यू delhi या  नई दिल्ली

दिल्ली के 7 संसदीय क्षेत्रों में से एक नई दिल्ली लोकसभा सीट देश के सबसे प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है……. देश की राजधानी होने के नाते नई दिल्ली भारत के राजनीतिक परिदृश्‍य में अहम भूमिका निभाती है…. देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बीजेपी के पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी जैसे दिग्‍गज राजनीतिक नेताओं के अलावा जगमोहन जैसे बड़े नेता नई दिल्ली सीट से सांसद रहे हैं……

 इस सीट से बीजेपी की मीनाक्षी लेखी वर्तमान समय में सांसद हैं….. आम आदमी पार्टी (AAP)ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यहां से बृजेश गोयल के नाम की घोषणा कर दी है.

यह निर्वाचन क्षेत्र 1951 में अस्तित्व में आया था…. नई दिल्ली लोकसभा सीट बीजेपी के खास गढ़ों में से एक बना रहा है…. इस सीट पर शुरुआती दो कार्यकाल देश की क्रांतिकारी महिला नेता सुचेता कृपलानी ने प्रतिनिधित्व किया, जिन्होंने किसान मजदूर पार्टी की स्‍थापना की थी और बाद में कांग्रेस से जुड़ गईं……..

आपको एक दिच्स्प बात बताते है कि यह नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र ही था जहां से बीजेपी के जगमोहन ने पहले राजेश खन्ना को और फिर दो बार आर के धवन को हराया…… हालांकि, कांग्रेस ने 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में इस सीट पर जीत हासिल की…

दिल्ली के सबसे ऐतिहासिक क्षेत्रों में से एक यह निर्वाचन क्षेत्र संसद भवन और दिल्ली सचिवालय के अलावा राजपथ, जनपथ, और कनॉट प्लेस जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है……..

इस सीट पर 2014 के चुनाव में कई राजनीतिक दलों के कुछ सबसे दिग्‍गज नेताओं के बीच मुकाबला रहा था…. जिनमें कांग्रेस के अजय माकन, बीजेपी की मीनाक्षी लेखी, आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान और तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी शामिल थे… लेकिन मीनाक्षी लेखी सांसद चुनी गईं.

दिलचस्प बात यह है कि लेखी और खेतान दोनों पर ही बीजेपी और कांग्रेस ने पहली बार दांव खेला. वहीं कांग्रेस महासचिव और प्रवक्ता अजय माकन इस लोकसभा सीट से 2009 और 2004 के चुनाव में सांसद रह चुके हैं…

Chandini chowk  या चांदिनी चौक

चांदिनी चौक दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सात संसदीय क्षेत्रों में से एक, चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र सबसे खास है…. चांदनी चौक को हम पुरानी दिल्ली के नाम से भी जानते हैं ……यह सीट लोक सभा चुनाव के लिए बहुत मायने रखता है… यह निर्वाचन क्षेत्र बहुत घनी आबादी वाला है…… इस क्षेत्र में लाहोरी दरवाजा से लेकर चौक कोतवाली तक चांदनी चौक को कवर करते हुए फतेहपुरी मस्जिद में तक का इलाका आता है….. आम आदमी पार्टी (AAP)ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यहां से पंकज गुप्ता  के नाम की घोषणा कर दी है……

आपको बता दें कि चांदनी चौक पर 1957 से लेकर 2014 तक कुल 14 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं….. इनमें से कांग्रेस अब तक नौ बार जीत चुकी है वहीं बीजेपी चार बार यहां से जीत दर्ज कर चुकी है….

हालांकि 2004 और 2009 में यहाँ से कपिल सिब्बल की जीत हुई थी…. वर्तमान में बीजेपी के डॉ. हर्षवर्धन यहां से सांसद हैं…. कांग्रेस के कपिल सिब्बल अब तक लगातार दो बार इस निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं….. उनकी चांदनी चौक में मजबूत पकड़ मानी जाती है…..

वैसे आपको बता दें कि 2014 में बीजेपी के डॉ. हर्षवर्धन, आम आदमी पार्टी के आशुतोष और कांग्रेस के दिग्गज कपिल सिब्बल ने यहां से चुनाव लड़ा, लेकिन यह डॉ. हर्षवर्धन ने 437938 वोटों के साथ अपने करीबी प्रतिद्वंदी से 363 वोटों के अंतर से से चुनाव जीता….वहीँ तीसरे स्थान पर कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने कुल 176206 वोट हासिल किए. 

उत्तर पूर्वी दिल्ली

उत्तर पूर्वी दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की एक लोकसभा सीट है….. उत्तर पूर्वी दिल्ली में 2009 में पहला लोकसभा चुनाव लड़ा गया…. यह दिल्ली जिले में स्थित है, जो 1997 में स्थापित किया गया था…. इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्‍जा है…..

उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट में शामिल 10 विधानसभा क्षेत्र शामिल है… जिसमें  बुराड़ी, रोहताश नगर, बाबरपुर, तिमारपुर, सीलमपुर, गोकलपुर, सीमापुरी, घोंडा, मुस्तफाबाद और करवाल नगर शामिल हैं….. इनमें से सीमापुरी और गोकलपुर के क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं…….

भारत की 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक 2,241,624 लोगों की आबादी के साथ उत्तर पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है……

वैसे आपको बता दें की 2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने राजधानी की सभी सात संसदीय सीटों पर जीत हासिल की… इस जीत से बीजेपी को दिल्ली में काफी ताकत मिली. वहीं, लंबे वक्त से देश की सत्ता में रहे कांग्रेस को झटका देते हुए आम आदमी पार्टी ने अच्छी बढ़त बनाई…..

2014 के चुनावों में पूरे देश में मोदी लहर एक अहम कारण  रहा….


पूर्वी दिल्ली

तो बात दरअसल ऐसी है कि पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट देश के राजनीतिक माहौल में एक निर्णायक संसदीय क्षेत्र है, क्योंकि इस सीट से कुछ अहम सांसद चुनकर आएं हैं, जिन्होंने भारत की राजनीति को काफी हद तक प्रभावित किया है… इस निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा संसद सदस्य बीजेपी के महेश गिरि हैं… आम आदमी पार्टी (AAP)ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यहां से शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली पार्टी नेता आतिशी के नाम की घोषणा कर दी है……

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित यहां से सांसद रह चुके हैं…… east delhi  पर अब तक 1967 से लेकर 2014 तक 1997 के उपचुनाव समेत कुल 14 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं…. इनमें से कांग्रेस अब तक 6 बार जीत चुकी है और बीजेपी भी 6 बार यहां से जीत दर्ज कर चुकी है……

आपको बतादें साल 1966 में जब पूर्वी दिल्ली बनी और 1967 में यहाँ से पहला लोकसभा चुनाव लड़ा गया…. 1967 में  इस सीट के लिए हुए पहला चुनाव भारतीय जनसंघ के हरदयाल देवगन ने कांग्रेस के बी मोहन के विरुद्ध जीता था…. उसके बाद 1971 में कांग्रेस के एचकेएच भगत ने भारतीय जनसंघ के हरदयाल देवगन को हराया…..

 1967 से लेकर 2009 तक हुए यह सीट कभी बीजेपी के खेमें में आये तो कभी कांग्रेस के….वहीँ 2014 में मोदी लहर के दौरान बीजेपी के महेश गिरि ने  आम आदमी पार्टी के राजमोहन गांधी और  कांग्रेस के संदीप दीक्षित को भरी मतों से हराया …

पश्चिमी दिल्ली

पश्चिमी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के साहिब सिंह वर्मा वर्तमान सांसद हैं….. आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यहां से बलबीर सिंह जाखड़ के नाम की घोषणा कर दी है….. इस निर्वाचन क्षेत्र ने 2009 में अपना पहला चुनाव लड़ा…… जिसमें कांग्रेस का कब्जा रहा. यह क्षेत्र शुरू से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है….

आपको बता दें कि 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रोफेसर जगदीश मुखी और कांग्रेस के महाबल मिश्रा के बीच मुकाबला था… जिसमे प्रोफेसर जगदीश मुखी को 302971 और महाबल मिश्रा को 479899 वोट मिले थे. इस तरह महाबल मिश्रा जगदीश मुखी को 176928 वोटों से शिकस्त देने में कामयाब रहे थे

वहीँ 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आम आदमी पार्टी जनरैल सिंह को शिकस्त दी. इस चुनाव में प्रवेश साहिब सिंह वर्मा को 651395 वोट मिले. जनरैल सिंह को 382809 वोट मिले. इस तरह जनरैल सिंह 268586 वोटों से ये चुनाव हार गए. वहीं कांग्रेस के महाबल मिश्रा 193266 वोटों के साथ तीसरे पायदान पर रहे.

 उत्तर पश्चिमी दिल्ली

उत्तर पश्चिम दिल्ली का अत्यधिक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र 2008 में अस्तित्व में आया. यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है….  यह संसदीय क्षेत्र दिल्ली के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक है… इस निर्वाचन क्षेत्र की संसद के वर्तमान सीटिंग सदस्य बीजेपी के उदित राज हैं…….. आम आदमी पार्टी (AAP)ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यहां से गुग्गन सिंह रंगा के नाम की घोषणा कर दी है.

 2009 में इस संसदीय क्षेत्र में हुए आम चुनाव में कांग्रेस की कृष्णा तीरथ को कुल 487404 वोट देकर जनता ने संसद भेजा था… कृष्णा ने बीजेपी की मीरा कांवरिया को 191456 वोटों के अंतर से मात दी थी….. मीरा कुल 295948 वोटों पर सिमट गई थी.

2014 के चुनाव में बीजेपी के उदित राज ने आम आदमी पार्टी की राखी बिरला को शिकस्त दी. इस चुनाव में उदित राज को 629860 वोट मिले….. वहीं, राखी बिरला को 523058 वोट मिले. इस तरह राखी 106802 वोटों से ये चुनाव हार गईं. वहीं 2009 में क्षेत्र से सांसद कृष्णा तीरथ 157468 वोटों के साथ तीसरे पायदान पर रहीं….

दक्षिणी दिल्ली

दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से एक है…. बीजेपी से सुषमा स्वराज और मदन लाल खुराना जैसे लोकप्रिय नेता दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे हैं….. वैसे बीजेपी के रमेश बिधूड़ी यहां से वर्तमान सांसद हैं….. इस क्षेत्र से आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के नाम का ऐलान कर दिया है….

दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से एक है….. बीजेपी से सुषमा स्वराज और मदन लाल खुराना जैसे लोकप्रिय नेता दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे हैं……. बीजेपी के रमेश बिधूड़ी यहां से वर्तमान सांसद हैं…

2019 लोकसभा चुनाव हर मायने में बहुत महत्त्वपूर्ण है… पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली के सभी सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी वैसे इस बार भी ऐसे ही परिणाम की तैयारी हा … लेकिन पहले विपक्ष में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी थी वहीँ अब इन दोनों ने गठबंधन कर लिया है… वैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री क परेशानी को देख कर ऐसा लग रहा है कि बीजेपी की पकड़ यहाँ काफी अच्छी है… लेकिन चुनाव के नतीजों से पहले इसके लिए कुछ बोला नहीं जा सकता…… क्योंकि यह राजनीत है, इसमें पल पल बदलाव होता है..