दिल्ली हाई कोर्ट से पी चिदंबरम को मिला बड़ा झटका, हो सकते हैं गिरफ्तार

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दिल्ली हाई कोर्ट ने इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से मंजूरी दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत खारिज कर दी गई है. चिदंबरम ने अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट से तीन दिन की मोहलत भी मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने चिदंबरम की 3 दिन की मोहलत को भी खारिज कर दिया है.अग्रिम जमानत याचिका और तीन दिन की मोहलत खारिज होने के बाद, अब सीबीआई जल्द ही चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकती हैं.

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से मंजूरी दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. इस केस में अभी तक चिदंबरम को कोर्ट से करीब दो दर्जन बार अंतरिम गिरफ्तारी पर रोक की राहत मिली हुई है. ये मामला 2007 का है, जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री के पद पर थे. इस मामले में सीबीआई पहले ही चिदंबरम के बेटे कार्ति को गिरफ्तार कर चुकी हैं. वो अभी जमानत पर हैं. पिछले कुछ वक्त से कार्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार भी लगाई थी. पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने सबसे पहले CJI के सामने इस मामले को मेंशन करना चाहा, लेकिन तब तक कोर्ट स्थगित हो चुकी थी.

2017 में सीबीआई ने इस मामले में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से मिली स्वीकृति में गड़बड़ी पर FIR दर्ज की. जबकि ईडी ने 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. इस मामले में अहम मोड़ तब आया, जब इंद्राणी मुखर्जी 4 जुलाई को सरकारी गवाह बन गईं और इसी साल उनका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया गया. सीबीआई के मुताबिक मुखर्जी ने गवाही दी कि उसने कार्ति चिदंबरम को 10 लाख रुपये दिए थे. हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल अब सुप्रीम कोर्ट के पास जायेंगे.