प्रवासी मजदूरों का आरोप, दिल्ली सरकार ने बिजली-पानी काट दिया, इसलिए पलायन करने को मजबूर

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21 दिनों का लॉकडाउन लगने के बाद दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों का बिहार और उत्तर प्रदेश की तरफ पलायन होने लगा. लेकिन पिछले दो दिनों में हालात बहुत ही बिगड़ गए. 27 तारीख को अचानक ही हज़ारों की भीड़ दिल्ली की अलग अलग सड़कों पर दिखने लगी. ये सभी पैदल ही यूपी बॉर्डर की तरफ जा रहे थे. इन्हें उम्मीद थी कि वहां से अपने गाँव जाने के लिए उन्हें बस मिल जायेगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. वहां कोई बस नहीं थी. जिस कारण यूपी बॉर्डर पर अफरा-तफरी मच गई.

लेकिन अचानक इतनी भीड़ कैसे उमड़ गई लोगों की? जबकि सबको ये पता था कि सारी बसें बंद हैं. वहां आये लोगों ने मीडिया को अपनी आपबीती बताई. ABP न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़ उनका कहना है कि दिल्ली सरकार ने पानी, बिजली के कनेक्शन काट दिए. लॉकडाउन के दौरान भोजन, दूध आदि किसी भी मदद नहीं मिली. जब भूखे लोग सड़कों पर उतरे, तो दिल्ली सरकार के अधिकारी बकायदा अनाउंसमेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बार्डर पर बसें खड़ी हैं, जो यूपी और बिहार ले जाएंगीं. बहुत सारे लोगों को मदद के नाम पर डीटीसी की बसों से बार्डर तक पहुंचवाकर छोड़ा गया. जबकि दिल्ली सरकार मीडिया में लगातार ये कह रही थी कि प्रवासियों के खाने पीने और रहने का पूरा इंतजाम किया गया है.

फिर ये अचानक से अफवाह कैसे फ़ैल गई और इसे किसने फैलाया? दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ट्वीट कर गोरखपुर के मजदूरों की दुर्दशा पर चीत्कार कर रहे थे जबकि उन्हें अपनी ही दिल्ली की सड़कों पर पैदल मार्च करती भीड़ नहीं दिख रही थी. अगर दिल्ली सरकार ने इमानदारी से उनके खाने पीने और ठहरने का इंतजाम किया होता तो उन्हें सड़कों पर पैदल चलने की जरूरत ही नहीं पड़ती.