केजरीवाल सरकार के पास सैलरी देने के लिए भी नहीं बचे पैसे, केंद्र से मांगे इतने हज़ार करोड़ रुपये

3695

एक तरफ तो दिल्ली में कोरोना के मामले बेतहाशा बढ़ते जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार का खजाना खाली हो चुका है. दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पास स्टाफ को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं बचे. इसलिए दिल्ली सरकार ने जल्द से जल्द केंद्र से 5 हज़ार करोड़ देने ककी अपील की है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस करके ये बात कही. उन्होंने कहा, ‘मैंने केंद्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की राशि की मांग की है. कोरोना और लॉकडाउन की वजह से दिल्ली सरकार का टैक्स कलेक्शन करीब 85 प्रतिशत नीचे चल रहा है. केंद्र की ओर से बाक़ी राज्यों को जारी आपदा राहत कोष से भी कोई राशि दिल्ली को नहीं मिली है.’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के राजस्व का रिव्यू किया है. अभी दिल्ली सरकार को सैलरी देने व जरूरी खर्चों के लिए 3500 करोड़ रुपये की जरूरत है. अभी तक कुल 1735 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जबकि अभी तक 7000 करोड़ रुपये का राजस्व आना था. केंद्र से तुरंत राहत के तौर पर कर्मचारियों की सैलरी व जरूरी कामकाज के लिए 5000 करोड़ की मांग की गई है. उन्होंने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिख कर कहा कि आपदा राहत कोष के तहत बाकी राज्यों को तो पैसे मिल गए लेकिन दिल्ली को अभी तक मदद नहीं मिली है. लॉकडाउन की वजह से आई आर्थिक परेशानियों को देखते हुए दिल्ली सरकार को तुरंत 5 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मदद के लिए ट्वीट किया है. उन्होंने मनीष सिसोदिया के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा कि कंडे सरकार से निवेदन है आपदा की इस घड़ी में मदद करे. इधर पैसे न होने की बात के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर उनके पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास ने तंज कसा है. उन्होंने कहा, ‘लाखों Cr की चुनावी-रेवड़ियाँ, टैक्सपेयर्स के हज़ारों Cr अख़बारों में 4-4 पेज के विज्ञापन व चैनलों पर हर 10 मिनट में थोबड़ा दिखाने पर खर्च करके, पूरी दिल्ली को मौत का कुआँ बनाकर अब स्वराज-शिरोमणि कह रहे हैं कि कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों को सैलरी देने के लिए उनके पास पैसा नहीं हैं.’