दिल्ली में साथ आ सकती हैं ये दो बड़ी पार्टियाँ

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कांग्रेस सत्ता पर काबिज होने के लिए एक और प्रदेश में गठबंधन की तलाश में लगी है. कांग्रेस ने अभी कुछ दिन पहले झारखंड चुनाव में हेमंत सोरेन के साथ गठबंधन में सरकार में है. झारखंड चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए एक संजीवनी का काम कर सकती है. इसको देखते हुए कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर तेजसवी  यादव से संपर्क साधने की कोशिश की है. अनुमान ये लगाया जा रहा है कि झारखंड के बाद अब कांग्रेस और आरजेडी चुनावी तालमेल की संभावनाएं दिल्ली विधानसभा चुनाव में तलाश रहे हैं.

हालांकि मौजूदा वक्त की बात करें तो दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के पास खोने के लिए ज्यादा कुछ है नहीं. ऐसे में कांग्रेस यहां आरेजडी के साथ लड़ने पर विचार कर रही है.  सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी यहां लगभग 10 फीसदी सीट की मांग कर रही है, यानी सात सीटों की मांग कर रही है, लेकिन बात उससे कम सीटों पर भी बन सकती है.

माना ये भी जा रहा है कि दोनो दलों के बीच दो राउंड की बातचीत हो चुकी है. इस तालमेल के पीछे आधार है कि उन सीटों पर गठबंधन किया जाए, जहां दोनों दलों का अपना एक बड़ा सामाजिक आधार है.

पार्टी से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक आरजेडी ने कांग्रेस को दिल्ली की उन सात विधानसभा सीटों की एक लिस्ट सौंपी है, जहां से वह दिल्ली चुनाव में अपने उम्मीवार उतारना चाहती है. बताया जाता है कि वे सीटें ऐसी हैं, जहां ठीकठाक तादाद में बिहारी व पूर्वांचली रहते हैं इसको देखते हुए कांग्रेस और आरजेडी अपना गठबंधन सिर्फ वोट बैंक को साधने के लिए कर रही है.


वहीं, आरजेडी से जुड़े एक नेता का कहना था कि अगले एक दो दिनों में इस मसले को लेकर अंतिम तस्वीर साफ हो जाएगी कि हम कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगें या नही. आगे उन्होने  कहा कि अगर कांग्रेस से बात नहीं बन पाती तो आरजेडी दिल्ली की कुछ सीटों पर अकेले मुकाबले में उतरेगी. उस स्थिति के लिए भी आरजेडी ने अपनी तरफ से तैयारी कर रखी है.