दिल्ली में बेतहाशा बढ़ा कोरोना, दिल्ली सरकार ने 7 दिनों के लिए दिल्ली बॉर्डर किया सील, सिर्फ इन्हें मिलेगी छूट

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दिल्ली में दिन पर दिन बढ़ते कोरोना के मामले गुडगाँव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद वालों पर भारी पड़ रही है. हर दिन हज़ारों लोग गुडगाँव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली और दिल्ली से इन शहरों में नौकरी और कारोबार कके सिलसिले में आते जाते रहते हैं. लेकिन दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों की वजह से राज्य सरकारों में तनातनी होने लगी है और इन शहरों में रहने वालों को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है. यूपी सरकार और हरियाणा सरकार ने दिल्ली जाने वाले अपने बॉर्डर को पहले ही सील कर दिया था. अब दिल्ली सरकार ने भी अगले 7 दिनों के लिए बॉर्डर सील कर दिया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के अस्पताल में दूसरों राज्यों के मरीज न भर जाएं, इसके चलते फिलहाल उन्हें सीमाएं एक हफ्ते के लिए बंद करने का फैसला करना पड़ रहा है. यानी अब न तो दिल्ली से लोग अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश नहीं जा पाएंगे और न ही उधर से लोग दिल्ली आ पाएंगे. हालांकि, इस दौरान जिनको पास जारी होगा उन्हें और जरूरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एंट्री मिल पाएगी. DTC की बसें भी अब दिल्ली की सीमा के अन्दर ही चलेंगी, गुडगाँव, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद नहीं जाएंगी.

हालाँकि जरूरी सेवाओं के लिए पास जारी किया गया है लेकिन इसके बावजूद बॉर्डर पर भारी जाम की स्थिति देखी जा रही है. लोग भी परेशान हैं कि जब वो सुबह घर से दिल्ली-एनसीआर में काम पर निकलते हैं तो सब ठीक रहता है लेकिन जब वो वापस अपने घरों की ओर लौटते हैं तो नए नियम क़ानून बन जाते हैं और उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है. एक तरफ तो दफ्तर खोलने का ऐलान कर दिया है राज्य सरकारों और दूसरी तरफ बॉर्डर सील कर दिए गए हैं. अनिश्चितता की वजह से बॉर्डर पर भारी जाम की स्थिति रहती है जिससे लोगों को अपने काम पर पहुँचने में भी देर हो जाती है. दिल्ली में कोरोना के मामले 18 हज़ार के पार पहुँच चुका है. ऐसा लग रहा है कि दिल्ली सरकार ने जो छूट देने का ऐलान किया था वो काफी भारी पड़ने लगा है.