देश में दिन पर दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढती जा रही है. सरकार इसे फैलने से रोकने के लिए हर एहतियातन कदम उठा रही है. स्कूल-कॉलेज, सिनेमाहॉल, दफ्तर सब बंद हैं. कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं. इस बढ़ते खतरे के बाद भी डॉक्टर, नर्स समेत अस्पताल के कर्मचारी, नगर निगम के कर्मचारी और एयरपोर्ट अथॉरिटी अपनी जान की परवाह किये बिना खतरे से निपटने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग हैं जो सरकार और अथॉरिटी का सहयोग करने को तैयार नहीं है.

सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट कर के सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित कर रही है. सरकार ये चाहती है कि देश का हर नागरिक सुरक्षित रहे. बदले में नागरिकों का भी कर्तव्य बनता है कि वो सरकार और सरकारी अथॉरिटी का सहयोग करें. कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला आज दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर. एयरपोर्ट पर भारत आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. चाहे वो विदेशी नागरिक हो या भारतीय नागरिक. लेकिन आज एयरपोर्ट पर ऐसा नज़ारा दिखा जिसे देख आपका खून खौल उठेगा.

यात्रियों ने स्क्रीनिंग करने वाले एयरपोर्ट कर्मचारियों से बदतमीजी की. दरअसल एयरपोर्ट पर उतारते ही कर्मचारियों ने सबके पासपोर्ट ले लिए. ये आदेश दिया गया कि सबकी पूरी जांच के बाद ही पासपोर्ट वापस किया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि कई यात्री बिना स्क्रीनिंग के ही मौका देखर निकलने की कोशिश करते हैं. कई यात्री जल्दबाजी करने लगते हैं जिससे कर्मचारियों का काम मुश्किल हो जाता है.

आज एयरपोर्ट पर बजाये कर्मचारियों का सहयोग करने के यात्रियों उनके ऊपर चिल्लाने लगे और उनसे बहस करने लगे. यात्री ज़रा भी सहयोग करने को तैयार नहीं थे. अब आप खुद ही सोचिये कि जब भारत के नागरिकों का ही ऐसा बर्ताव रहेगा तो चाहे सरकार कितनी भी कोशिश कर ले इस वायरस को फैलने से नहीं रोक सकेगी.

यात्रियों को समझना चाहिए कि अगर सरकार उन्हें स्वदेश वापस ले कर आ रही है ऐसे विकट हालातों में तो उन्हें भी थोड़ी तकलीफ सहकर कर्मचारियों का सहयोग करना चाहिए. ये कर्मचारी देश को सुरक्षित बनाए रखने के लिए बिना अपनी जान की परवाह किये दिन रात काम में लगे हैं. सरकार और सरकारी मशीनरी अपनी द्युति निभा रही है. अब जनता भी कुछ अपना फर्ज निभा ले.