मिलिट्री पुलिस में 20 फीसदी महिलाओं को किया जाएगा शामिल- निर्मला सीतारमण

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आपको ये याद ही होगा कि सेना प्रमुख बिपिन रावत ने हाल में ही कहा था कि सेना की मिलिट्री पुलिस में 800 महिलाओं को शामिल किया जा सकता है, और इसके लिए साल के अंत तक भर्ती शुरू हो सकती है, साथ ही आर्मी चीफ ने कहा था ,कि सेना में महिलाएं कानून, मेडिकल, इंजीनियरिंग ,और शिक्षा के क्षेत्रों में पहले से ही है। लेकिन, मिलिट्री पुलिस में कोई महिला जवान नहीं है ,इसमे भी महिला जवान होनी चाहिए, इस पर भारतीय सेना में अब महिलाओं की भूमिका को बढाने के लिए , रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्राइडे को एक एतिहासिक फैसला लिया है कि सेना की मिलिट्री पुलिस में अब महिला जवानों की भर्ती की जाएगी

SOURCE-NDTV

इस भर्ती में महिलाओ का आंकड़ा 20 फीसदी रहेगा, सेना की मिलिट्री पुलिस में महिलाओं को भर्ती को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी लेकिन आज इस फैसले पर मुहर लग ही गई है ,जब रक्षा मंत्री ने अपने ऑफिसियल ट्वीटर हन्डेल से ये जानकारी सबको दी गई .आपको इसके साथ साथ ये भी बता दे कि क्या भूमिका होगी महिलाओ की मिलिट्री पुलिस में ,वो बलात्कार और उत्पीडन के मामलो की जांच करेंगी ,सेना को जहाँ भी पुलिस संगठनो की जरूरत पड़ेगी वहा भी मदद करेंगी ,सर्च ऑपरेशन चेक पोस्ट और तलाशी के दौरान भी महिलाओ की जाँच करना, मिलिट्री के नियमो का पालन कराना और अनुशासन बनाये रखना भी इनकी ड्यूटी का पार्ट है, किसी भी घटना के समय भीड़ को नियन्त्रण करना जिसमे खासकर महिलाये और बच्चे हो .
सेना में इन महिलाओं की भर्ती पीबीओआर (पर्सनल बिलो आफिसर रैंक) रोल में की जाएगी.

पिछले वर्ष सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि महिलाओं की लड़ाकू छेत्रों में भर्ती को मंजूरी बहुत तेजी से मिलनी चाहिए इस पर रक्षा मंत्री का ये निर्णय आना भारत सरकार के सफल कोशिशों का परिणाम है , ऐस फैसले उन महिलाओ को आगे बढ़ने में मदद करते है जो देश की सीमा पर जाकर दुश्मन के छक्के छुड़ाने का साहस रखती है ,भारत सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढाओ और बेटी को आगे बढाओ के नारे को इस फैसले के बाद सच करके बताया है