क्यों मनाई जाती है छोटी दीपावली? क्या है पूजा के शुभ मुहूर्त

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दीपावाली ख़ुशी का त्यौहार है, दिवाली प्रेम का त्यौहार है. दीपावाली का त्यौहार मलतब खुशियों की सौगात.. दीपावाली बस आने ही वाली है. सभी दीपावाली की तैयारियों मस्त है..ब्यस्त हैं.. इस बार दीपावाली 27 अक्टूबर को मनाई जाएगी.. लेकिन आप जानते ही होंगे कि दिवाली से एक दिन पहले छोटी दीपावाली भी मनाई जाती है पर क्या आप ये जानते हैं कि आखिर छोटी दीपावाली मनाई क्यों जाती है. अगर आप नही जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे और उनके आगमन की खुशी में अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. इस पर्व को असत्य पर सत्य की जीत के तौर पर भी मनाया जाता है. छोटी दिवाली इस बार 26 अक्टूबर यानी कि दिवाली से एक दिन पहले मनाई जायेगी. स दिन रात को घर के बाहर यम की पूजा की जाती है. छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन घर सबसे बुजुर्ग इंसान दिए हो हाथ में लाकर पूरे घर में घूमता है और फिर उस दिए को लेकर जाकर बाहर कहीं ऐसी जगह रख देता है जिसे घर के के सदस्य ना देख सके.. इस दौरान घर के सभी सदस्य घर में ही रहते हैं. कहाँ जाता है कि नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना लाभकारी माना गया है. जो लोग इस दिन सुबह जल्दी उटकर स्नान करते हैं उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है और सौदर्य में बृद्धि होती है. इस दिन स्नान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 4:15 से 5:29 बजे तक है और यम के नाम दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजे से लेकर 7 बजे तक का है.

आइये दिवाली के लिए पूजा मुहूर्त के बारे में जानते हैं.

लक्ष्मी पूजा- 27 अक्टूबर 2019 को की जाएगी इसके लिए मुहूर्त- शाम 06:43 बजे से लेकर रात 08:15 बजे तक है. इस पूजा के लिए अवधि- 01 घंटा 32 मिनट है. प्रदोष काल- शाम 05:41 बजे से लेकर रात 08:15 बजे तक है. वृषभ काल- शाम 06:43 बजे से लेकर रात 08:39 बजे तक है.

दीपवाली का त्यौहार खुशियों का आगमन माना जाता है. लोग अपने घरों की सफाई करते हैं और घर को सजाते हैं. मान्यता है कि प्राचीन काल में देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था. इस मंथन में ही कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं. इसके बाद भगवान विष्णु ने लक्ष्मी का वरण किया था. इसलिए हर साल कार्तिक अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन किया जाता है. समुद्र मंथन से देवताओं के वैद्य भगवान धनवंतरि भी प्रकट हुए थे. इनकी पूजा धनतेरस पर की जाती है. आप भी दिवाली छोटी दिवाली और धनतेरस अच्छे और ख़ुशी ख़ुशी मनाइए..

दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें