चीन को सबक सिखाने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया में हुई बड़ी डील, दोनों देश एक दूसरे के मिलिट्री बेस को …

इस समय पूरा देश चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रहा है. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. भारत में मरीजों की संख्या हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रही है. पिछले कई दिनों में 7 हजार फिर 8 हजार और अब 9 हजार के पार का आंकड़ा हर दिन का हो गया है. जिसके बाद भारत में मरीजों की संख्या 2 लाख से पार निकल चुकी है.

जानकारी के लिए बता दें एक तरफ तो पूरी दुनिया इस वायरस को झेल रही है वहीँ दूसरी ओर चीन लद्दाख में अपनी घटिया हरकत दिखा रहा है. जिसका भारत मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार खड़ा है. लद्दाख के मुद्दे पर भारत का ऑस्ट्रेलिया ने खुलकर समर्थन किया है और साथ ही चीन को इस नीति को गलत बताया. इसी दौरान पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन के बीच एक वर्चुअल मीटिंग हुई. जिसके बाद एक बड़ी डील पर हस्ताक्षर हुए हैं.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई इस डील को जानने के बाद चीन और पाकिस्तान को नींद नही आएगी. जी हाँ दोनों देशो के पीएम के बीच हुई डील के बाद अब दोनों देश एक दूसरे के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल कर सकेंगे. मीटिंग के बाद दोनों देश के पीएम ने इस डील को लेकर हस्ताक्षर भी किये. पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम के साथ हुई बैठक को गठजोड़ का एक नया मॉडल बताया और कारोबार करने का भी नया मॉडल बताया.

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने कहा कि ‘‘ इस कठिन समय में आपने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का, और ख़ास तौर पर भारतीय छात्रों का, जिस तरह ध्यान रखा है, उसके लिए मैं विशेष रूप से आभारी हूँ.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी सरकार ने इस संकट को एक अवसर की तरह देखने का निर्णय लिया है. भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. बहुत जल्द ही जमीनी स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे. ’’ इसके आगे उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच रिश्ते सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त समय है. पीएम मोदी ने कहा ‘‘ कैसे हमारे संबंध अपने क्षेत्र के लिए और विश्व के लिए एक ‘स्थितरता का कारक’ बनें, कैसे हम मिल कर वैश्विक बेहतरी के लिए कार्य करें, इन सभी पहलुओं पर विचार की आवश्यकता है.”