जिस CRPF पर हुआ था हमला,वही डेल्ही में कर रही है पाकिस्तान Embassy की सुरक्षा

489

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के करीब हमारे 44  जवान शहीद हो गए है…इस हमले की साजिश पाकिस्तान की सरजमीं पर पनप रहे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने रची थी..शहीदों के बलिदान के बाद देश गुस्से में है , उनका खून उबल रहा है …और पाकिस्तान के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है….ऐसे में प्रदर्शनकारी दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग यानि Embassy के बाहर इकट्ठा हो रहे हैं…और इतना कुछ होने के बाद भी.. पाकिस्तान ambassador की सुरक्षा का जिम्मा उसी सीआरपीएफ को दिया गया है, जिसके जवान पुलवामा हमले में शहीद हो गए.

उरी फिल्म का मशहूर डॉयलाग था कि फर्ज और फर्जी में सिर्फ एक मात्रा का अंतर होता है… इस अंतर को देखना है तो शुक्रवार को दिल्ली में पाकिस्तान ambassador के बाहर सुरक्षा में खड़े सीआरपीएफ जवानों को देखिए… भावनाओं और गुस्से से ऊपर अपने फर्ज को निभाने के लिए सीआरपीएफ जवान ड्यूटी कर रहे हैं…. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जवानो ने कहा कि हमारे लिए कर्तव्य सभी भावनाओं से ऊपर है चाहे हम जो भी देखें और महसूस करें…पर ड्यूटी हमरे लिए सबसे उपर है ..

वही  सीआरपीएफ के एक अन्य जवान ने कहा कि हम गुस्से में हैं ..लेकिन हमारे लिए सबसे पहले कर्तव्य है और उसी का यहाँ खड़े होकर हम पालन कर रहे है … हमें क्रोध और भावनाओं पर नियंत्रण करना होगा.. क्योंकि हमारे ऊपर जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि हम सिपाही हैं और हमारा कर्तव्य रक्षा करना है… भले ही हम क्रोधित हों लेकिन हमारा कर्तव्य पहरा देना और जिम्मेदारी एक सैनिक के लिए सबसे ऊपर है… जम्मू-कश्मीर में अर्धसैनिक बलों पर हमले ने कहीं न कहीं हमारी सेना के नैतिक स्तर पर प्रहार किया है, लेकिन कुछ भी उन्हें अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी से नहीं डिगा सका…. वे जानते हैं कि उनका कर्तव्य पहरा देना और उनकी रक्षा करना है और वे दुःख के क्षण में भी क्रोध और भावनाओं को एक तरफ रखते हुए ऐसा करना जारी रखते हैं….