चुनाव से पहले ही बिहार महागठबंधन में पड़ गई फूट, ये तीन नेता पका रहे अपनी अलग खिचड़ी, कांग्रेस और राजद को न्योता भी नहीं

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बिहार में विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होना है. लेकिन उससे पहले भी महागठबंधन में फूट पड़ गई है. महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा, जीतन राम मांझी की पार्टी हम और मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी शामिल है. लेकिन चुनाव से पहले ही इनमे सरफुटौव्वल शुरू हो गया है. दरअसल पटना में विकासशील इंसान पार्टी के दफ्तर में कोरोना संक्रमण और अगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक मीटिंग हुई लेकिन इस मीटिंग में कांग्रेस और राजद का कोई नेता शामिल नहीं हुआ. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग के लिए न तो कांग्रेस और न ही राजद को न्योता भेजा गया था.

राजद ने पहले ही लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रखा है. लेकिन उनके नाम पर न तो जीतं राम मांझी जैसे वरिष्ठ नेता तैयार है और न उपेन्द्र कुशवाहा. हालाँकि जब इस मीटिंग में राजद और कांग्रेस के किसी प्रतिनिधि की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया तो रालोसपा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने सफाई देते हुए कहा कि इस मीटिंग को चुनाव के लिहाज से देखना सही नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इस मीटिंग में क्कोरोना पर सरकार की नाकामी को लेकर चर्चा हुई. उन्होंने ये भी कहा कि महागठबंधन पहले की तरह मजबूत है.

उपेन्द्र कुशवाहा भले ही ये सफाई दें कि महागठबंधन पहले की तरह मजबूत है और ये मीटिंग चुनाव को लेकर नहीं थी. जबकि सच तो ये है कि राजद और कांग्रेस के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में इन तीनों पार्टी की ये पहली मीटिंग नहीं थी. इससे पहले भी दो बार यही तीनों दल मीटिंग कर चुके है और वो दोनों मीटिंग भी वीआईपी पार्टी के दफ्तर में ही हुई थी और बाकायदा एक भोज भी हुआ था. लेकिन इस मीटिंग से भी राजद और कांग्रेस के प्रतिनिधि नदारद रहे थे. उस मीटिंग में शरद यादव भी मौजूद थे. तब बिहार की सियासत में एक तीसरे मोर्चे के गठन के कयास लगने शुरू हो गए थे.

जीतन राम मांझी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए 80 सीटों की मांग कर चुके हैं. उन्होंने तो महागठबंधन में एक समन्यवय समिति बनाने की भी मांग की लेकिन राजद और कांग्रेस की तरफ से उनकी बातों पर कोई तवज्जो नहीं दी गई. इस बात से नाराज हो कर जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार से भी मुलाक़ात की थी. तब कयास लगाये जा रहे थे कि मांझी एनडीए में शामिल हो सकते हैं. खैर आज की ये मीटिंग भी महागठबंधन की एकता पपर सवाल ही उठाने वाला था.