म’रने के बाद भी शरीर में इतने दिनों तक जिंदा रहता है कोरोना वायरस,मृ’त शरीर से ऐसे ख़त्म होगा कोरोना

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पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है. दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना का तोड़ ढूँढने में लगे है लेकिन अभी तक सफलता हासिल नहीं हुई है. इसी बीच एक और चिंता और सवाल लोगों के मन में बना हुआ है. लोगों के मन में सवाल है कि कोरोना संक्रमित किसी इंसान के म’रने के बाद क्या? मतलब कि अगर किसी कोरोना संक्रमित इंसान की मौ’त हो जाती है तो क्या उसकी मौ’त के साथ ही कोरोना वायरस भी म’र जाता है उसके शरीर से? किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौ’त के कितनी देर बाद तक कोरोना वायरस एक्टिव रहता है? ये सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं.

कई वैज्ञानिक ये आशंका जाहिर कर चुके हैं कि कोरोना संक्रमित इंसान की मौ’त के बाद भी उसके शरीर में कोरोना वायरस कई दिनों तक जीवित और एक्टिव रहता है. इसलिए कई देश मृ’त शरीर को दफनाने की बजाये जला रहे हैं. रिसर्च के मुताबिक़ किसी व्यक्ति के म’रने के बाद भी कोरोना वायरस शरीर में तब तक जिं’दा रह सकता है, जब तक कि व्यक्ति के शरीर में फ्लूड यानी तरल रहता है. अगर किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौ’त के बाद उसे दफनाया जाए तो उसके शरीर का तरल खत्म होने में करीब 3-4 दिन लग जाते हैं. ऐसी स्थिति में 3-4 दिनों तक वायरस शरीर में एक्टिव रहता है. इस दौरान अगर किसी ने दफनाए हुए शख्स को निकाला और वायरस कैसे भी मुंह, आंख, नाक या खून के जरिए शरीर में घुसा तो उसका संक्रमित होना तय है. इसलिए कई देश अब कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मृ’त शरीर को जलाने की तरजीह दे रहे हैं.

चीन में कोरोना संक्रमित मरीजों के मृत शरीर को दफनाने के बजाय ज’लाने के आदेश दिए जा चुके हैं. वहां तो सख्ती से आदेश जारी किये गए थे कि अगर परिवार वाले ना भी मानते हैं तो अस्पताल को ही अधिकार है कि वह मृ’त के शरीर को जला दे. भारत में सख्ती ‘ की कोशिश की गई लेकिन यहाँ तो राजनीतिक बवाल शुरू हो गया. मुंबई में कोरोना संक्रमित शवों को दफनाने के बजाय जलाने का आदेश भी जारी हुआ, लेकिन बाद में उसे वापस लेना पड़ा क्योंकि विरोध होने लगा था.