ICMR की रिसर्च में कोरोना के बारे में हुआ डराने वाला खुलासा, भारत में इस स्टेज में पहुंचा कोरोना

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लॉकडाउन और सीलिंग के बावजूद देश में कोरोना का फैलाव रुक नहीं रहा है. कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या देशभर में 6000 के पार पहुँच चुकी है. देशभर में अब तक 6412 लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि 199 लोगों की मौत हो चुकी है. राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या  720 तक पहुँच चुकी है. अकेले गुरुवार को 51 नए केस दर्ज किये गए. दिल्ली में सामने आये 720 केसों में से 430 मरकज से जुड़े हैं. सरकार कोरोना के संक्रमण को रोकने की हर कोशिश कर रही है. लॉकडाउन ख़त्म होने की तारीख भी नजदीक आ रही है. इसी बीच एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे सुनकर सरकार और जनता सब डर जायेंगे.

इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने खुलासा किया है कि देश में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुँच चुका है. कुछ हफ्ते पहले ICMR ने रैंडम सैम्पलों की जांच शुरू की थी. इसका मकसद ये पता करना था कि कहीं कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन तो शुरू नहीं हो रहा. कोन्युनिटी ट्रांसमिशन यानी कि एक व्यक्ति से पूरे समुदाय में कोरोना का संक्रमण फैलना. सामुदायिक स्तर पर कोरोना के फैलने को ही तीसरा स्टेज कहा जाता है. ररैंडम सैम्पलों की जांच के बाद ICMR को चौकाने वाली बातें पता चली है. ICMR ने रैंडम सैम्पलों की जांच के बाद जो रिपोर्ट सौंपी है उसके अनुसार कोरोना का तीसरा स्टेज शुरू हो चुका है.

फ़रवरी से लेकर अप्रैल तक ICMR ने 15 राज्यों के 36 शहरों से 5911 कोरोना संक्रमित संदिग्ध लोगों का सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस टेस्ट किया. इनमे से 104 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए. इनमे से 59 एस ऐसे हैं जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है. यानी उन्होंने विदेश यात्रा नहीं की है. उन्हें ये संक्रमण देश में ही किसी से मिला है. सिर्फ 1 केस ऐसा था जिसने विदेश यात्रा की थी. उसके संपर्क में सिर्फ 1 आदमी आया था. उसके बादबाकी लोगों में ये फैला. मतलब की कोम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया. मार्च तक ICMR की रिपोर्ट शून्य थी लेकिन अप्रैल में ये बढ़ने लगी और 2.6 फीसदी तक पहुँच गई. ये चिंताजनक स्थिति है. ये सब तब हुआ जब देश में लॉकडाउन लागू है.