देश के कोरोना के मामले 63 हज़ार के पार, सिर्फ 6 दिनों में ही सामने आये इतने मामले कि सरकार को होने लगी टेंशन

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देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है. जिस उम्मीद के साथ लॉकडाउन को लागू किया गया था वो उतना सफल नहीं हो पाया जितनी उम्मीद की गई थी. हालाँकि फिर भी इस वक़्त देश के हालात कई यूरोपीय देशों और अमेरिका के मुकाबले बेहतर है. लेकिन ये भी एक तथ्य है कि लॉकडाउन के बावजूद भारत में कोरोना के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई. लॉकडाउन का तीसरा चरण 4 मई से शुरू हुआ. अभी तीसरे चरण के लॉकडाउन में 6 दिन ही बीते हैं लेकिन इन 6 दिनों में कोरोना के मामलों में 20 हज़ार की वृद्धि दर्ज की गई.

3 मई को देश में कोरोना के कुल मामले 40 हजार के करीब थे लेकिन महज 6 दिनों में ही ये आंकड़ा 60 हज़ार को पार कर गया. शनिवार 9 मई को देश में कोरोना के कोरोना के कुल 3171 मामले सामने आये और इसी के साथ कोरोना के कुल मामलों की संख्या 62,915 हो गई है. लॉडाउन का तीसरा चरण 17 मई को ख़त्म हो रहा है. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने तमाम कोशिशें की कोरोना पर काबू पाने की लेकिन तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हुई.

शनिवार 9 मई को कोरोना की वजह से देश में 113 लोगों की मौ’त हो गई. इसी के साथ म’रने वालों का आंकड़ा 2000 को पार कर गया. इन 113 मौ’तों में से 48 मौ’तें सिर्फ महाराष्ट्र में हुई. महाराष्ट्र में अब तक कुल 780 लोगों की मौ’त हो चुकी है. शनिवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 1165 मामले सामने आने के साथ ही वहां कोरोना के कुल मामले 20 हज़ार के पार पहुँच गया. लेकिन जिस तरह से लॉकडाउन के बावजूद कोरोना के मामले कम होने की बजाये बढ़ते जा रहे हैं उसने सरकारों की टेंशन बढ़ा दी है.