कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग पर पीएम ने कहा : हमारे यहां कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग सिर्फ व्यापार बनकर न रहे….

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एग्रीकल्चर सेक्टर में अनुसंधान और विकास को लेकर ज्यादातर योगदान पब्लिक सेक्टर का ही है. अब समय आ गया है कि इसमें प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़े. उन्होंने कहा कि हमें अब किसानों को ऐसे विकल्प देने हैं, जिसमें वो गेहूं-चावल उगाने तक ही सीमित न रहें. आज हमें कृषि के हर सेक्टर में हर खाद्यान्न, फल, सब्जी, मत्स्य सभी में प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान देना है. इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले. खेत से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचने की व्यवस्था सुधारनी ही होगी.

कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग पर पीएम ने कहा, हमारे यहां कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग लंबे समय से किसी न किसी रूप में की जा रही है. हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग सिर्फ व्यापार बनकर न रहे. बल्कि उस जमीन के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी हम निभाएं. पीएम मोदी ने आगे कहा, हमें देश के एग्रीकल्चर सेक्टर का, वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा.ऑपरेशन ग्रीन्स योजना के तहत किसान रेल के लिए सभी फलों और सब्जियों के परिवहन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है. किसान रेल भी आज देश के कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क का सशक्त माध्यम बनी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी लोगों से कहा कि आपके मन में किसानी और इससे जुड़ी बजट में प्रावधानों को लेकर अपने विचार जरूर दें. उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ा एक और अहम पहलू सॉइल टेस्टिंग का है. बीते सालों में केंद्र सरकार ने करोड़ों किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं. अब हमें देश में सॉइल हेल्थ कार्ड की टेस्टिंग की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचानी है.  उन्होंने ये भी कहा, की हमें गांव के पास ही कृषि उद्योगों के क्लस्टर्स की संख्या बढ़ानी ही होगी ताकि गांव के लोगों को गांव में ही खेती से जुड़े रोजगार मिल सकें.

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