कांग्रेस के झूठ की खुल गई पोल, कांग्रेसी नेता ही घुसे थे प्रियंका गाँधी के घर में

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कुछ समय पहले गाँधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा संसद में संशोधन करने के बाद हटा ली गयी थी, जिसको लेकर कांग्रेस ने खूब सड़कों पर हंगामा काटा था, और जमकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाये थे, इसके बाद 2 दिसम्बर को प्रियंका गाँधी के घर में 2 अज्ञात लोगों के घुस जाने पर एक बार फिर इसपर कांग्रेस ने बवाल मचाना शुरू कर दिया, इसे सुरक्षा में चूक बताया, लेकिन जल्द ही इस झूठ की पोल खुल गयी..कमाल की बात ये है कि इस झूठ को सच साबित करने के लिए कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं को घुसपैठिया बताने से भी नहीं चूकी. लेकिन शायद कांग्रेस भूल जाती है कि ये जनता सब जानती है चलिए आपको बताते हैं कैसे एसपीजी सुरक्षा वापस लाने के लिए कांग्रेस ने इस झूठ को फ़ैलाने की नाकाम कोशिश की. क्या था पूरा मामला और पोल कैसे खुली आइये आपको बताते हैं..दरसल 2 दिसम्बर को ये कहा दावा किया गया कि कांग्रेस महासचिव के घर में एक महिला सुरक्षा घेरे को तोडकर अपनी एक्स्युवी कार लेकर अंदर घुस गयी. और जेड प्लस सुरक्षा घेरे ने उसे रोका तक नहीं.

तथाकथित सुरक्षा में इस चूक के लिए जिम्मेदार एसपीजी सुरक्षा हटाये जाने के फैसले को ठहराया जा रहा है, ऐसा इसलिए क्यूंकि कांग्रेस को लगता है कि इस वक्त जो जेड प्लस सुरक्षा प्रियंका गाँधी को मिली है वो उनके हाई-रिस्क पर्सनालिटी होने की वजह से बेहद कम है. और इस घटना के बाद जेड प्लस को घटिया बताकर एक बार फिर एसपीजी की मांग उठाई जा रही है. लेकिन यहीं पर पहले की तरह कांग्रेस फंस गयी, क्यूंकि जिस महिला पर सुरक्षा में सेंध लगाने का आरोप है वो कांग्रेस की ही एक कार्यकर्ता निकली जो प्रियंका गाँधी के निजी सचिव से मुलाकात के लिए तय समय पर वहां पहुची थी. और इसको बता दिया गया सुरक्षा में सेंध, आपको सोचकर हंसी आएगी कि किसी भी चीज का विरोध करने से पहले ये होमवर्क क्यूँ नहीं करते हैं. क्यूंकि यही महिला कांग्रेस की सीट से चुनाव में भी उतर चुकी है. तो ऐसे में वो घुसपैठिया कैसे हुई  ?

New Delhi: Priyanka Vadra with her husband Robert Vadra coming out after casting votes for Delhi Assembly elections at a polling booth in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI12_4_2013_000044B)

दरअसल ये पूरा एक सोचा समझा ड्रामा था, जिसका खुलासा अंग्रेजी समाचार चैनल टाइम्स नाउ के एक tweet में किया गया है, जहाँ उस महिला का भाई टीवी पर ओन एयर ये कहता हुआ सुना जा सकता है कि उसकी बहन को उसके साथ वहां मीटिंग के लिए बुलाया गया था. फिर इस तरह से सुरक्षा में सेंध का मुद्दा कहाँ से आगया.. गौरतलब है प्रियंका गाँधी को पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गाँधी की बेटी होने की वजह से इसलिए अबतक एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी क्युकी ऐसा माना जाता था की वो उन चुनिन्दा लोगों में से एक हैं जिनको हाई-रिस्क केटेगरी में आते हैं इसलिए उनको एसपीजी security देनी चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए इस तरह से कुछ लोगों को हाल ही में इस केटेगरी से निकाल दिया है. और ये पूरा बवाल एसपीजी सुरक्षा को वापस लेने के लिए एक सोची समझी चाल के तहत किया गया है.

बात करें अगर एसपीजी की तो आम तौर पर यह सुरक्षा कवच केवल तत्कालीन प्रधानमन्त्री को उपलब्ध कराया जाता है लेकिन हाल ही में मोदी सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने एसपीजी एक्ट को संशोधित करने का प्रस्ताव संसद में पेश किया है, जिसके मुताबिक एसपीजी सुरक्षा को फिर से सिर्फ वर्तमान प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगाया जायेगा. और ये बिल लोकसभा में पास हो चुका है और इसे अब राज्यसभा में पेश किये जाने की तैयारी है.