सैनिकों की शहादत पर भी कर रहे है ये नेता राजनीति

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने फिर कायराना हरकत दिखाते हुए.. एक बड़ी साजिश को अंजाम किया है .. इन आतंकियों ने CRPF की गाडी को अपना निशाना बनाया था …उरी के बाद ये सबसे बड़ा आतंकी हमला है .. लेकिन आतंकियों द्वारा इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम देने के बाद कॉन्ग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला का एक बेकार-सा बयान सामने आया है… रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके सेना के शहीद 18 बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि तो दी… इसके अलावा उन्होंने दु:ख की इस घड़ी में घटिया बयान देते हुए कहा…इस मोदी सरकार के पिछले 5 वर्षों में यह 18वाँ बड़ा आतंकी हमला है… 56 इंच की छाती कब जवाब देगी ? इससे पहले भी ये अपनी एक प्रेस कांफ्रेंस संसद हमले के मुख्य आरोपी अफसल गुरु जैसे आतंकवादी को अफसल गुरु जी कह रहे थे ..


वही सिद्धू का पाकिस्तान प्रेम अक्सर सामने आता रहता है…इस बार भी सिद्धू ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान का बचाव किया है.. पत्रकारों द्वारा पूछने पर सिद्धू ने कहा कि वो इसकी कड़ी निंदा करते हैं.. लेकिन आतंकवाद का कोई देश या धर्म नहीं होता.. लेकिन जब पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जब इस आतंकी हमले जिममेदारी ले रहा है उसके बाद आपके ऐसे बयान तो इसी तरफ इशारा कर रहे की आप indirectly पाकिस्तान के बचाव में है …आपको बता दें कि पाकिस्तान से दोस्ती रिश्ता रखने की वकालत करने वाले सिद्धू जनरल बाजवा से गले भी मिल चुके हैं… पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में भी गए थे अक्सर भारत के ख़िलाफ़ ज़हरीले बयान देने वाले जनरल बाजवा से गले मिलने का सिद्धू कई बार बचाव कर चुके हैं… ऐसे में, सिद्धू के ताज़ा बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगो ने उन्हें खूब सुनाया है ..


ये बयान बाज़ी यही नहीं रुकी इसके बाद कांग्रेस के spoke person देवासिश जरारिया ने ट्वीट करते हुए कहा की मेरे पास जम्मू के साथी के कुछ मेसेज आये थे उसके बाद ये घटना सामने आ गयी …अब एन मेसेज को देख कर ये कही से नहीं लग रहा की ये इनको जम्मू से आये थे ..ऐसे मेसेज तो कोई भी किसी को पास बैठ कर सकता है …इस के दम पर आप pm के उपर सवाल उठ रहे है ….और लोगों के मन में देश की सरकार के खिलाफ शक पैदा कर इतने संवेदन शील मुद्दे पर घटिया राजनीति कर रहे है …


ऐसे में साफ जाहिर होता है कि कॉन्ग्रेस को देश के सुरक्षा या स्वाभिमान की जरा भी चिंता नहीं है… सत्ता पाने के लिए ये नेता किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते हैं… दर्द की इस घड़ी में जब देश के सभी राजनीतिक दलों को एक साथ इस आत्मघाती हमले के ख़िलाफ़ आवाज बुलंद करना चाहिए था, जब शहीद जवानों के परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था, तब राजनीतिक बयान देकर पार्टी के ये लोग असली चेहरा दिखा रहे है .