कोरोना रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से कांग्रेस को दिक्कत, मोदी सरकार पर लगाए ये आरोप

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कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए मोदी सरकार ने लॉकडाउन का ऐलान किया था लेकिन कांग्रेस को अब इस मुद्दे पर भी राजनीति करनी है. लॉकडाउन लागू करने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा है कि जैसे बिना किसी तैयारी के नोटबंदी लागू की गई उसी तरह बिना तैयारी के ही लॉकडाउन लागू कर दिया मोदी सरकार ने. कांग्रेस ने ये भी कहा कि बिना सोचे-समझे और बिना योजना के फैसला लेने से नुकसान सिर्फ मौद्रिक नहीं होता है.

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा, ‘नोटबंदी की तरह लॉकडाउन से भारत का काफी नुकसान हुआ है. कांग्रेस ने कहा है कि 14 करोड़ से अधिक लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं. आने वाले हफ्तों में लाखों के नौकरी जाने की आशंका है, क्या भाजपा सरकार के पास उनकी मदद करने की योजना है?’

सीधे तौर पर देखे तो कांग्रेस का ये कहना है कि योजना बना कर लॉकडाउन करना चाहिए था. लेकिन ये योजना क्या होना चाहिए ये कांग्रेस ने नहीं बताया. लॉकडाउन का मतलब होता है सबकुछ बंद. दफ्तर बंद, दुकाने बंद, ट्रांसपोर्ट बंद, मॉल्स बंद, सिनेमाघर बंद, फैक्ट्री बंद. अब जब सबकुछ बंद होगा तो आर्थिक नुकसान तो होना तय है. इससे तो अमेरिका और यूरोपीय देश तक नहीं बच सकें तो फिर भारत कैसे बच जाता. अगर कांग्रेस ये चाहती है कि केंद्र सरकार ढोल पीट कर कहती कि फलाने तारीख से लॉकडाउन होने वाला है, सबकुछ बंद होने वाला है तो उससे पहले जो अराजकता फैलती लोगों में एक जगह से दूसरी जगह जाने की, उसकी जिम्मेदारी कौन लेता. घोषणा करके लॉकडाउन लगाने का खामियाज इटली ने किस तरह भुगता है वो किसी से छुपा नहीं है. कांग्रेस प्रैक्टिकल बातें करने की बजाये बस आरोप लगाना जानती है. उसके पास हर समस्या के लिए समाधान के बदले एक नयी समस्या होती है.