अब कांग्रेस को चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति पर भी लगी मिर्च, उठाये सवाल

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जनरल बिपिन रावत को देश के पहले चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ के तौर पर नियुक्त किया गया है. जिसपर कांग्रेस की ओर से अब प्रतिक्रिया आई है, हाल ही में एक ट्वीट में पार्टी ने चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति पर सवाल उठाये और पूछा कि क्या वाकई आने वाले समय में ये पद और इसकी भूमिका देश की सुरक्षा में कारगर होगी. कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि CDS की नियुक्ति का सरकार ने गलत फैसला लिया है.

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी की ओर से ये बातें कहीं गयीं, उन्होंने कहा इस नियुक्ति के समय के साथ साथ गलत परिणाम सामने आयेंगे. मंगलवार को ट्वीट करके मनीष तिवारी ने कहा, ‘’बड़े खेद और जिम्मेदारी के साथ मैं कह रहा हूं कि सीडीएस के संबंध में सरकार ने बेहद गलत कदम उठाया है। इस फैसले के दुष्परिणाम समय के साथ सामने आएंगे’’ उन्होंने अपने ट्वीट में भारतीय जनता पार्टी से यह सवाल भी किया कि ‘’सीडीएस की नियुक्ति में इतनी अस्पष्टताएँ किसलिए हैं?’’

CDS की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए तिवारी ने तमाम ट्वीट किये, ऐसे  ही एक ट्वीट में उन्होंने यह भी सवाल किया कि देश के रक्षामंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार को नामित करने के पश्चात् तीनों सेनाओं के प्रमुखों की तरफ से केंद्र सरकार को दिए जाने वाले सैन्य और सुरक्षा सुझावों पर क्या असर पड़ेगा? क्या ऐसा होगा कि सीडीएस की सलाह तीनों सेनाओं के प्रमुखों की सलाह से ज्यादा मायने रखेगी?

अपनी बात आगे रखते हुए भाजपा को घेरने की कोशिश में तिवारी ने आगे सवाल किया, ‘क्या अब तीनों सेनाओं के प्रमुख रक्षा सचिव या सीडीएस के माध्यम से रक्षा मंत्री को रिपोर्ट किया करेंगे. और ये जानना जरूरी है कि रक्षा सचिव की तुलना में सीडीएस के पास क्या शक्तियां मौजूद होंगी ? क्या इसके बाद भी रक्षा सचिव नियम 11 के संदर्भ के तहत रक्षा मंत्रालय के एडमिनिस्ट्रेटिव चीफ बने रहने वाले हैं ?

गौरतलब है कांग्रेस की ओर से ये बयान तब आया है जब बिपिन रावत 1 जनवरी से सीडीएस की जिम्मेदारी संभालने वाले हैं.