महाराष्ट्र में अब कांग्रेस को झटका, कैबिनेट में जगह न मिलने पर इस विधायक ने दिया इस्तीफ़ा

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उद्धव मंत्रिमंडल में आखिरकार विभागों का बंटवारा हो गया. लेकिन विभाग बंटते ही महा अघाड़ी में शामिल तीनों दलों में महाभारत शुरू हो गया. कोई मनचाहा पद ना मिलने से नाराज हो गया तो कोई मंत्रिमंडल में जगह ही न मिलने से नाराज है. तो शिवसेना के विधायक इसलिए नाराज हैं क्योंकि सारे मलाईदार पद एनसीपी और कांग्रेस के खाते में चले गए.

शनिवार को शिवसेना के मंत्री अब्दुल सत्तार ने मनचाहा पद ने मिलने के कारण इस्तीफ़ा दे दिया तो रविवार को महा अघाड़ी को एक और झटका लगा जब कांग्रेस के विधायक कैलाश गोरंट्याल ने मंत्रिमंडल में शामिल न किये जाने से नाराज हो कतर कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया. गोरंट्याल ने कहा कि “मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है. मैं तीसरी बार विधयाक चुना गया हूं और मैंने अपने लोगों के लिए काम किया है. फिर भी मुझे मंत्री नहीं बनाया गया.”

इससे पहले एक जनवरी को पुणे के विधायक संग्राम थोपटे के समर्थकों ने कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की, क्योंकि उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया. इसके अलावा कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं में भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नाराजगी है. करीब दर्जनभर शिवसेना विधायक मंत्रिमंडल पद नहीं मिलने से नाराज हैं। वहीं, कई विधायकों ने कम ओहदे के कारण आपत्ति जताई है.

दो सबसे बड़े मंत्रालय गृह और वित्त एनसीपी के खाते में गए. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि गृह मंत्रालय अजीत पवार को मिलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. गृह मंत्रालय एनसीपी नेता अनिल देशमुख को मिला जबकि अजीत पवार को वित्त मंत्रालय दिया गया. इसके अलावा रेवेन्यु, पीडब्लूडी, हाउसिंग और जल संसाधन जैसे बड़े मंत्रालय भी कांग्रेस और एनसीपी के हिस्से में गए जबकि आदित्य ठाकरे को पर्यटन और पर्यावरण जैसा मंतालय आया.