आकाश विजयवर्गीय के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ने की शर्मनाक करतूत

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अभी आकाश विजयवर्गीय द्वारा अधिकारी को बल्ले से पिटाई वाला काण्ड शांत भी नही हुआ था कि उधर महराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नारायण राणे के पुत्र निलेश राणे अब सुर्ख़ियों में आ गये हैं. निलेश राणे के सुर्ख़ियों में आने का कारण भी आकाश विजयवर्गीय के कारण से मिलता जुलता ही है. दरअसल महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे के बेटे और कांग्रेस विधायक कांग्रेस विधायक निलेश राणे और उनके समर्थकों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) इंजीनियर पर कीचड़ फेंका और उन्हें रस्सी से बांध दिया. महाराष्ट्र की कणकवली सीट से कांग्रेस विधायक नितेश राणे को सिंधुदुर्ग-गोवा हाईवे पर गढ्ढों को लेकर शिकायत मिली थी. लोगों की शिकायत थी कि इस हाईवे पर गढ्ढे हैं और बारिश के कारण इनमें पानी भर जाता है.


आप ये वीडियो देखिये किस तरह से निलेश राणे इंजीनियर को पहले पकड़ते हैं और फिर राणे के समर्थक उनपर कचरे बाल्टी में भर भर के उड़ेलते हैं. जिससे इंजीनियर साहब पूरी तरह से कचड़े से भीग जाते हैं. राणे के समर्थक इतने पर ही नही माने, वे पुल पर ही इंजीनियर को बाँधने लगे.. हालाँकि किसी तरह से छूटे..
इसके बाद विधायक नितेश राणे ने कहा, ‘गोवा को जोडनेवाला यह महत्त्वपूर्ण हाईवे है. यहां पर चौबीसो घंटे गाड़ियों की आवाजाही लगी रहती है. ऐसे में गढ्ढों में बारिश का पानी भरने से गाड़ियों पर कीचड़ उड़ता है. जिनके जिम्मे इसकी मरम्मत का काम हो उन्हें यह अहसास होना चाहिए इसलिए यह किया गया है.’ विधायक राणे ने इंजिनियर खेडेकर को 15 दिन का वक्त दिया है और धमकी दी है की अगर 15 दिन में यह सबकुछ ठीक नहीं हुआ तो आगे क्या करना है वह देख लेंगे. दरअसल मुंबई के आसपास और कोंकण इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते मुंबई-गोवा हाईवे पर बड़े-बड़े खड्डे और कीचड़ जमा हो गया। विधायक इसी वजह से नाराज थे और उन्होंने इंजीनियर को निरीक्षण के लिए बुलाया था।


खैर इंजीनियर की लापरवाही हो सकती है, बारिश के समय पर पुल के गड्डे लोगों के खतरनाक हो सकते हैं, हाईवे की सड़क के साथ लापरवाही कतई बर्दास्त नही की जानी चाहिए लेकिन इस तरह अधिकारीयों के साथ बदतमीजी करना और हिंसा करना कितना सही है. अपने समर्थकों को साथ लेकर अधिकारीयों को बल्ले से पीटना उनपर कचरा फेंकना कितना सही है. हालाँकि अधिकारीयों पर लापरवाही बरतने की जिम्मेदारी सौंपी जाये. दुर्घटना होने पर उनकी जवाबदेही तय की जाए.. लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नही दी जानी चाहिए.. वैसे आकाशी विजयवर्गीय मामले पर प्रधानमंत्री मोदी ने आक्रोश जाहिर किया था और हो सकता है कि पार्टी आकाश के खिलाफ कोई कदम उठाये. लेकिन आकाश को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी. वहीँ राणे का मामला अभी ताजा ताजा है देखना होगा कि कांग्रेस विधायक निलेश राणे पर कोई कार्रवाई होती भी है या नही?


आजकल कई नेता इस तरह से अधिकारीयों के साथ अभद्रता करते आ रहे हैं लेकिन अपने समर्थकों के साथ मिलकर किसी अधिकारी को सरेआम पीटना, बेइज्जत करना और मारपीट करना कितना उचित हैं वो भी तब जब आप किसी संवैधानिक पद पर हैं. हमारे नेताओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए.