कांग्रेस का हो गया सुपड़ा साफ, बीजेपी को मिली थोड़ी बढ़त

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझान आ चुके हैं. जिसमें AAP तीसरी बार बहुमत के साथ अपनी सरकार बना रही है. उसी के साथ बीजेपी भी 2015 के मुकाबले में इस साल बढ़त करती दिख रही है, और कांग्रेस का सुपड़ा साफ होता दिखाई दे रहा है. दिल्ली की जनता ने एक बार दिल्ली की सत्ता के लिए दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल को चुन लिया हैं. बात कि जाए मुकाबले के आधार पर तो बीजेपी हार रही हैं लेकिन बीजेपी ने इस बार अपने वोटों और सीटों दोनों में ही बढ़त की हैं. जिसके बाद से इस बीजेपी की उपलब्धि समझा जा सकता हैं.

कयास लगाये जा रहे थे कि शाहीन बाग़ ने दिल्ली के चुनाव की दिशा और दशा को बदल के रख दिया हैं. लेकिन हाल के आये रुझानों के आधार पर माना जा रहा हैं दिल्ली की जनता ने CM केजरीवाल को बिजली, पानी और उनके कामों के आधार पर ही वोट दिया हैं. उनको CAA, कश्मीर जैसे मुद्दे से ज्यादा मतलब नहीं हैं. इसी के साथ यह भी पता चल रहा हैं. दिल्ली की जनता के करीब कौन कितना हैं. वहीं दिल्ली की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला. जिससे पता चलता हैं दिल्ली की जनता कांग्रेस को दुवारा लाना ही नहीं चाहती.

बात की जाए दिल्ली के दंगल में झटके की तो इस बार CM अरविन्द केजरीवाल को झटका लगा है. साल 2015 में केजरीवाल को 54 प्रतिशत मतदान मिला था. लेकिन इस बार अभी तक आये रुझानों के अनुसार केजरीवाल और AAP पार्टी को 49 प्रेसेंट मिलने के रुझान हैं. जबकि बीजेपी को 39 परसेंट ही मतदान मिला था और इस बार 43 परसेंट से ज्यादा वोट मिलने का अनुमान हैं. वहीं इस बार कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा हैं क्यूंकि साल 2015 में कांग्रेस को 10 पर्सेंट वोट मिले जबकि इस बार केवल 4.5 पर्सेंट ही वोट मिलने के रुझान आ रहे हैं. इस हिसाब से बीजेपी के लिए दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में यह अच्छी बढ़त हैं.