‘कांग्रेस के चक्कर में आईएसआई ऐजेंट समझने लगे हैं लोग’

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पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में एयर स्टाइक करके बदला लिया तो देश के कुछ राजनीतिक दल इसका सबूत मांगने लगे..कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी के नेता भी इस एयर स्ट्राइक का सबूत मांगने लगे। लेकिन एयर स्ट्राइक का सबूत माँगने पर कॉन्ग्रेस के अंदर ही विरोध के सुर देखने को मिले हैं।

दरअसल, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर विनोद शर्मा ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विनोद शर्मा ने ये कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है कि कॉन्ग्रेस द्वारा सैनिकों के बलिदान का मजाक बनाना और सबूत माँगना निंदनीय है, इसी वजह से लोग उन्हें और कॉन्ग्रेस पार्टी को पाकिस्तान का एजेंट कहने लगे हैं।

उन्होंने इस्तीफा देते हुए अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि “कांग्रेस की ओर से भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक का सबूत मांगा जाना उन्हें अच्छा नहीं लगा और पार्टी के इस स्टैंड से वे काफी दुखी हैं।”

विनोद शर्मा ने राहुल गांधी को भेजे गए इस्तीफा पत्र में लिखा कि, “मुझे कांग्रेसी कहलाने में शर्म आ रही है। एयर स्ट्राइक का सबूत मांगना शर्मनाक है, इससे सेना का मनोबल टूटता है। इन्हीं कारणों से ऐसे ही कारणों से कांग्रेस की स्थिति बुरी हो रही है और लोग कांग्रेस को पकिस्तानी का एजेंट समझने लगे हैं।

शर्मा ने पार्टी की इस हरकत को शर्मनाक बताते हुए पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. विनोद शर्मा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा पत्र भेजा है जिसमें लिखा हैं, “मैंने पहले भी आपको पत्र और ई-मेल के जरिये पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता की भावना से अवगत कराने का प्रयास किया, लेकिन आपने इसकी अनदेखी की। पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद पूरा देश शोकाकुल है और आक्रोशित है, इसके बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बालाकोट पर एयर स्ट्राइक कर के साहसिक काम किया, जिसमें सैकड़ों आतंकवादियों की जानें गईं। आज पूरा देश सेना के पराक्रम और शौर्य पर गर्व कर रहा है, लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा एयर एयर स्ट्राइक और आतंकियों की सूची माँगना एक शर्मनाक और बचकानी हरकत है।”

पत्र में विनोश शर्मा ने कांग्रेस से सवाल करते हुए लिखा- जब यह तय है कि सेना ने जो बम गिराए हैं, उससे 70 फीट गहरे गड्ढे हो जाते है और आस-पास का एरीया आग के गोले में तब्दील हो जाता है, वैसी स्थिति में कोई आतंकवादी का नामोनिशान भी रहेगा क्या, लेकिन ऐसे में कांग्रेस नेताओं का राजनीति से प्रेरित बयान सेना का मनोबल तोड़ने वाला और पाकिस्तान और आतंकवादियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीयता की भावना का अभाव और कार्यकत्ताओं की अपेक्षा के कारण पार्टी हाशिए पर चली गई है..आज कांग्रेस पार्टी को जनता पाकिस्तानी ऐजेन्ट के रूप में देखने लगी हैं..उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे में उन्हें कांग्रेसी कहलाने में शर्म आ रही है…पार्टी हित से ज्यादा राष्ट्रहित जरूरी है, इसलिए मैं पार्टी के प्रवक्ता और कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे रहा हुं..

विनोद शर्मा की कही हुई ये बाते हर देशवासियों के मन में एक बार जरूर आई होगी…एक तरफ विनोद शर्मा जैसे लोग भी है जो राजनीति के लोभ से दूर देशहित के लिए अपनी राजनीति भी दाव पर लगा रहे है वही एक तरफ कॉन्ग्रेस पार्टी सेना से पाकिस्तान के बालाकोट में मारे गए आतंकियों की सूची माँगती रही। यह निश्चित रूप से किसी भी देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी ऐसी बात करे।