‘देश के 38.5% वोटर बेवकूफ़ है’- कांग्रेस आईटी सेल प्रमुख

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लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है और इसकों लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल देखने को मिल रही है..हर एक पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मोदी सरकार को हराने के लिए मशक्कत कर रहे है..लेकिन इन पार्टीयों में कांग्रेस की भूमिका कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रही है । अपनी इस अत्यधिक सक्रियता की वजह से कांग्रेस अपनी ओछी मानसिकता और कारनामों का सबूत लगातार दे रही है ।  

ऐसे में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मोदी सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए किसी भी हद तक जा रहे है..लेकिन इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि कोई राजनैतिक पार्टी अगर बीजेपी की छवि को बिगाड़ते-बिगाड़ते भारत के जनता पर ही सवालिया निशान लगा दे तो जनता के विचार उस पार्टी के बारे में क्या होंगे। 

दरअसल, कॉन्ग्रेस की आईटी सेल प्रमुख दिव्या स्पंदना ने अपने अकॉउंट से ट्वीट करते हुए एक मीम शेयर किया है, मीम में पीएम मोदी का फोटो लगा है और उसके साथ लिखा है..मोदी को वोट देने वाले तीन लोगों में एक आदमी बेवकूफ़ होता है, बिलकुल बाक़ी दोनों की तरह..

इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने दिव्या और कांग्रेस पार्टी को लताड़ लगाते हुए कई ट्वीट किए..किसी ने लिखा- दिव्या देश के आधा से अधिक अबादी को बेवकूफ कह रही है..लोगों ने लिखा दिव्या का दिमाग खराब हो गया है और उनको इलाज की जरूरत है..किसी ने ये लिखा की दिव्या जिन वोटरों को बेवकूफ बोल रही है उनके पार्टी को उनके ही वोट से जित हासिल होगी ।

यहां सच में एक सवाल उठना लाज़मी है कि क्या दिव्या और कॉन्ग्रेस देश के उन सभी नागरिकों को बेवकूफ समझते हैं, जिनसे इन दिनों कॉन्ग्रेस वोट माँगने में व्यस्त है। सब जानते हैं कि सोशल मीडिया के आने के बाद से हर राजनैतिक पार्टी का अपना आइटी सेल है, जो जनता का वोट इक्कठा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में किसी पार्टी के आइटी सेल प्रमुख को इस तरह से ट्वीट करना कितना शोभनिए है..

खैर, देखा जाए तो दिव्या की इस तरह की टिप्पणी का आना एक आम आदमी के नज़रिए से गलत हो सकता है लेकिन उनकी पार्टी में इसका चलन है, जिसके वजह से उन्हें सोशल प्लेटफॉर्म पर ऐसा करना बेहद आसान लगा। आए दिन दिव्या कुछ बेतूके ट्वीट करते हुए मिल ही जाती है..बता दें कि हाल ही में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को ‘मौत का सौदागर‘ बताया था।

हां, हम सभी जानते है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है, लेकिन पीएम पद पर आसीन एक व्यक्ति के लिए और देश की जनता का इस तरह से मज़ाक उड़ाना कहाँ तक उचित है? वो भी तब जब आप खुद देश की सबसे बड़ी विपक्षी राजनैतिक पार्टी के लिए जनमत जुटाने की कोशिश में लगे हैं। अभी तक तो कांग्रेस विपक्ष पर ही निशाना साध रही थी लेकिन अब तो हद हो गई जब कॉन्ग्रेस से जुड़े चेहरे मतदाताओं को भी बेवकूफ़ बता रहे हैं..

चूँकि, चुनाव नज़दीक हैं और हर पार्टी सोशल मीडिया पर अपना समर्थन दर्ज करा रहा है। ऐसे में दिव्या के ट्वीट को देखकर मालूम पड़ता है कि चुनाव आते ही सोशल मीडिया को वॉर रूम में तब्दील किस तरह की मानसिकता वाले लोग करते है..तो ऐसे में दूर रहिए ऐसे मानसिकता वाले लोगों से..