कांग्रेस का गजब दांव, भाजपा के उपमुख्यमंत्री को कहा ‘तोड़ दो अपनी पार्टी हम तुम्हे बना देंगे मुख्यमंत्री’

1504

प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह नगर गुजरात कुछ दिन पहले काफी चर्चा में था. गुजरात वो जगह है जहाँ से मोदी ने अपनी मुख्यमंत्री के रूप में पहचान बनाई और कई साल तक वहां के मुख्यमंत्री भी रहें. मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात को तरक्की की ओर ले गए. अभी मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी आमंत्रित किया था मोटेरा स्टेडियम के उद्घाटन के लिए. उस वक़्त भी गुजरात चर्चा का विषय बना हुआ था.

आज अगर बात करें गुजरात की तो वहां पर एक बार फिर से पटेल समुदाये नाराज होता दिख रहा है. बीजेपी के पटेल समुदाय का चेहरा और गुजरात के माने जाने वाले उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का दर्द अपनों के बीच छलकते ही गुजरात में राजनीति भी तेज हो गई. नितिन पटेल ने पाटीदार समाज की कुलदेवी मां उमिया के शिलान्‍यास समारोह के दौरान कहा कि ‘सभी एक ओर हैं और वे दूसरी ओर अकेले खड़े हैं.’

बता दें कि गुजरात में नितिन पटेल के द्वारा अपने अन्दर की बात बोलते ही गुजरात की सियासत में हलचल मच गई है. ऐसे में तुरंत कांग्रेस ने नितिन पटेल को साधने के लिए थाली में सजाकर मुख्यमंत्री पद का खुला ऑफर कर सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है. लोगो के बीच नितिन पटेल और विजय रुपानी के बीच के रिश्ते तो जगजाहिर है. अगर बात करें मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी और नितिन पटेल की तो नितिन पटेल कई मौके पर अपनी नाराजगी जता चुके है विजय रुपानी को लेकर.

वही गुजरात में कोई सरकारी समारोहों होता है तो वहां पर नितिन पटेल की कोई फोटो नहीं होती है. जिसे ये अटकले लगती है की गुजरात के अन्दर उनके पर कतरने की कोशिश की जा रही है या फिर उनको जितनी तवज्जो मिलनी चाहिए उतनी नहीं मिल रही है. गुजरात में मौके के सियासी मिजाज को समझते हुए कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए है. कांग्रेस ने थाली में सजाकर नितिन पटेल के सामने ऑफर पेश कर दिया है. गुजरात विधानसभा में उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल के बयान को लेकर कांग्रेस विधायक ब्रजेश मिर्जा, बलदेवजी ठाकोर ने जहां पटेल के बहाने राज्‍य सरकार पर नि’शाना साधा. वहीं, निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि नितिन भाई अपने 15-20 लोगों को साथ लेकर पार्टी से बाहर आ जाएं और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो जाएँ.

लेकिन गुजरात सरकार में ऐसा कुछ नहीं होने वाला है वहां पर इस तरह की सिर्फ अट’कलें लगाई जा रही है. इससे ज्यादा कुछ और नहीं है. विजय रुपानी की सत्ता को कोई नहीं डिटगा सकता है.