यूपी समेत इन 3 बड़े राज्यों में करीब 30 सालों से नहीं बना कांग्रेस का मुख्यमंत्री

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दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा. पिछले काफी समय से लगातार हार झेल रही कांग्रेस की इस चुनाव में ऐसी हालत हो गयी कि अपना खाता तक नही खोल सकी. एक दौर वो था जब देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी हुआ करती थी और भारत के मौजूदा 28 राज्यों में से 18 राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी. अब अगर देखा जाये तो पिछले 30 सालों में कांग्रेस का जनाधार लगातार खिसकता गया है.

जानकारी के लिए बता दें कांग्रेस की हालत इस कद्र है कि वह पिछले 30 सालों से यूपी बिहार समेत कई राज्यों में अपना मुख्यमंत्री तक नहीं बना पाई है. वहीं अगर पिछले 5 सालों पर ध्यान दिया जाये तो भाजपा ने अच्छी पकड़ बनाई है. हालाँकि लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में अपनी सरकार बनाने में सफल रही है.

अगर हम बात उत्तरप्रदेश की करें तो यहाँ इस समय भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, इससे पहले वहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी की सरकार थी. एक समय यूपी में कांग्रेस का दबदबा रहा करता था और आज हालत ये है कि कांग्रेस बेहद ही कमजोर दिख रही है. साल 1989 में कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उसके बाद से ही यहाँ कांग्रेस की हालत इस तरह खस्ता होती गयी कि आजतक कांग्रेस अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकी.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने प्रियंका गाँधी को महासचिव बनाकर यूपी भेजा था लेकिन उनके प्रचार करने से भी यहाँ की स्थिति में ख़ास सुधार नही आया. बिहार में भी कांग्रेस की हालत ये है कि वह वहां की क्षेत्रीय पार्टी राजद के सहारे अपनी नैया खेव रही है. राजद ने साल 1990 से साल 2005 तक राज्य 15 साल बिहार पर शासन किया उसके बाद से वहां जदयू की सरकार है और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार हैं.

वहीं अगर हम बात पश्चिम बंगाल की करें तो कांग्रेस का सरकार बनाने का इंतजार खत्म नही हो रहा है. मौजूदा स्थिति में वहां इस समय ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला है. 1977 की इमरजेंसी के बाद से कांग्रेस यहाँ भी अपनी सरकार बनाने में नाकामयाब रही है.