केंद्र सरकार के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदेशव्यापी आंदोलन लेकिन वहां जो हुआ वो किसी ने सोचा नही होगा

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दिल्ली चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने आगे की राजनीति को कमर कस ली है और उसी हिसाब से अपनी रणनीतियों पर काम कर रही है. एक के बाद एक परेशानियों का सामना कर रही कांग्रेस की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस लगातार कदम उठा रही है लेकिन उसकी एक भी रणनीति कामयाब नहीं हो पा रही है. अभी हाल ही में कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आरक्षण विरोधी बताते हुए छत्तीसगढ़ में एक आंदोलन रखा.

जानकारी के लिए बता दें छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा आयोजित किये गये मेगा शो का ये हाल होगा ऐसा खुद राहुल गाँधी ने भी नहीं सोचा होगा. छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आरक्षण के मुद्दे पर आयोजित हुए शो में कुर्सियां खाली ही पड़ी रही. कांग्रेस को खाली कुर्सियों के साथ ही प्रदेशव्यापी आंदोलन करना पड़ा. जी हाँ आप सही पढ़ रहे हैं खाली कुर्सियों के साथ. कांग्रेस ने इस आंदोलन के लिए पीसीसी प्रभारी महामंत्री की ओर से कांग्रेस संगठन के सभी जिला ब्लॉक और शहरों के अध्यक्ष को पत्र लिख उपस्थित रहने के लिए कहा गया था.

इस आंदोलन के लिए कांग्रेस को उन महिलाओं का आभार व्यक्त करना चाहिए जिन्होंने वहां पहुंचकर सत्ताधारी दल की नाक बचा ली. कांग्रेस के इस आंदोलन का ये हाल था कि पीसीसी की ओर से जितने नेता मंच पर थे उससे कम सामने मैदान में कुर्सियों पर मौजूद थे.

गौरतलब है कि कांग्रेस के इस प्रदेशव्यापी आंदोलन के दौरान कांग्रेसियों में आप बोले आप सुने की स्थिति बनी रही. नेताओं को सुनने के लिए कार्यकर्त्ता ही नही थे. इससे पहले कांग्रेस ने एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने को लेकर भी महिला कांग्रेस ने आंदोलन का आह्वान किया था जिसमें शामिल होने वाली महिला कांग्रेसी थी लेकिन कांग्रेस ने आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की तो हालत ये थी. आलम ये था कि इस आंदोलन में खुद पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के साथ रायपुर के तीन में से एक भी कांग्रेस के विधायक नहीं पहुंचे.