कमलनाथ सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी हैं. सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सरकार बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लाल जी टंडन के समक्ष अपने 106 विधायकों की परेड करवाई और लिस्ट सौंप दी थी. जिसके बाद से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गयी हैं लेकिन सीएम कमलनाथ भी सरकार बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें मध्यप्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन ने कमलनाथ को चिट्ठी लिख दी थी कि 16 मार्च को वह फ्लोर टेस्ट करें नही तो माना जायेगा कि उसकी सरकार विश्वास खो चुकी है. इसी बीच एक बड़ी खबर एमपी से आ रही है. एमपी का सियासी संग्राम खत्म होते नहीं दिख रहा है. जहाँ एक तरफ बीजेपी अपनी सरकार बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है और अपने विधायकों की परेड भी करवा चुकी है. तो वहीं दूसरी तरफ कमलनाथ ने भी सरकार बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है.

गौरतलब है कि एमपी में चल रही सियासत को लेकर बीजेपी के बाद अब कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है और सरकार बचाने के लिए नया दाव चल दिया है. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा है कि बीजेपी ने कांग्रेस के 16 विधायकों का अपहरण कर बंधक बनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि इन विधायकों की गैर मौजूदगी में विश्वास मत नही हो सकता है.

गौरतलब है कि ये 16 वही विधायक हैं जिन्होंने सिंधिया और 6 कैबिनेट मंत्रियों के साथ अपना इस्तीफा सौंप दिया था. कमलनाथ इन विधायकों को विधानसभा में हाजिर होने के लिए दाव चल रहे हैं, वहीं इन विधायकों ने ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा सौंप दिया था. इतना ही नहीं कांग्रेस ने एमपी में गवर्नर के आदेश पर भी सवाल उठाया है. याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल पहले से ये मानकर चल रहे हैं कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है. कांग्रेस ने कोर्ट में कहा है कि कोर्ट इन विधायकों की रिहाई सुनिश्चित करे. अब ऐसे में ये देखना है कि क्या सीएम कमलनाथ अपने इस दाव में कामयाब हो पाएंगे.