महाराष्ट्र सरकार में मची खीचतान, मुखपत्र सामना में शिवसेना ने कांग्रेस को याद दिलाई उसकी हैसियत

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महारष्ट्र सरकार के अंदर कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है ऐसी खबरे पिछले कई दिनों से आ रही हैं. क्योकि गठबंधन की सरकर में कई दिनों से खीचतान मची हुई हैं. मुखपत्र सामना में कहा गया है कि उद्धव ठाकरे कुर्सी के लालची नहीं हैं, जो वो कोई भी शर्त मान लें.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के लेख में विधानसभा में कांग्रेस के संख्याबल को याद दिलाकर उनकी महाविकास आघाडी में हैसियत क्या है, यह याद दिलाया गया है. कांग्रेस के पास सबसे कम यानी 44 विधायक हैं. इसके अलावा लेख में कहा गया है कि कांग्रेस को मंत्री पद मिले क्योंकि शिवसेना ने त्याग किया. इससे ये साफ़ होता है कि कांग्रेस की गठबंधन में कोई भी हैसियत नहीं हैं. इस का जिक्र कांग्रेस पहले भी कर चुकी हैं. कांग्रेस ने कहा था कि महारष्ट्र की गठबंधन सरकार में हम फैसला नहीं ले सकते हैं.

वहीं अब सामना के लेख पर बीजेपी ने भी सियासी वार किया है. बीजेपी नेता राम कदम ने कहा है कि ‘मुंबई में आदमी कोरोना के बेड ना मिलने के कारण तड़प-तड़प कर मर रहा है और इन तीनों पार्टियों को कुर्सी की पड़ी है.’ क्योकि महारष्ट्र में कोरोना वायरस की वजह से स्तिथि बिगडती जा रही हैं और उसके बाद भी वहां की सरकार कोरोना को लेकर ध्यान नही दे रही हैं. सिर्फ राजनीति कर रही हैं.महारष्ट्र के अंदर कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख को पार चुकी हैं. जिसने पूरे देश में हा’हाका’र मचा रखा हैं. महाराष्ट्र को देखते हुए पीएम मोदी दो दिन सभी राज्य के मुख्यमंत्री से बात करेंगे और उनसे सुझाव मांगेंगे और जो भी जरुरत होगी उसको पूरा करेंगे.