दिग्विजय सिंह के लिए रोड शो करने वाले “कम्प्यूटर बाबा” की बढ़ेगी मुसीबत!

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लोकसभा चुनाव के अब दो चरण बचे हैं आधा से ज्यादा देश वोट डाल चुका है अपना फैसला evm में जमा करा चुका है.. लेकिन अभी सबसे मजेदार लड़ाई चल रही हैं मध्य प्रदेश के भोपाल सीट पर.. जहाँ साध्वी प्रज्ञा और दिग्विजय सिंह आमने सामने हैं.. सालों तक बम ब्लास्ट की आरोपी के तौर पर जेल में बंद रही साध्वी प्रज्ञा को बीजेपी ने टिकट दिया है और साध्वी प्रज्ञा के पकडे जाने के बाद हिन्दू और भगवाआतंकवाद शब्द को जमकर प्रसारित करने वाले दिग्विजय सिंह को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है. अब इस सीट की लड़ाई बड़ी दिलचस्प हो गयी है.. दिग्विजय सिंह खुद को सबसे बड़ा हिन्दू बताने में लगे हुए हैं और कुछ बाबा जो दिग्विजय सिंह को जिताना चाहते हैं वे दिग्विजय सिंह के लिए हठ योग कर रहे हैं.. लेकिन इन बाबाओं का हठ योग करना अब उन्ही पर भारी पड़ सकता है.

जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम खाड़े ने बीजेपी की शिकायत पर कम्प्यूटर बाबा के खिलाफ हठ योग और धुनि मामले की जांच शुरू कर दी है. कंप्यूटर बाबा से तीन मुख्य बिन्दुओं पर जवाब माँगा गया है

1. किससे और कब मांगी अनुमति, कब जारी की गई अनुमति. 2. कार्यक्रम के लिए दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा और अन्य साधु संतों को क्या कहकर बुलाया था. 3. कम्प्यूटर बाबा किस पार्टी के लिए कर रहे हैं प्रचार-प्रसार और कितना आ रहा है कार्यक्रम में खर्च…..

हालाँकि ये देखना होगा कि कम्प्यूटर बाबा अपनी इस मुसीबत से कैसे निकलते हैं… लेकिन कम्प्यूटर बाबा और दिग्विजय सिंह के ही रोड शो से एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें हमने साफ़ तौर पर देखा था कि कैसे इस रोड शो को भगवा दिखाने के लिए पुलिस वालों को भी भगवा साफा पहनाया गया था… मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है. दिगिव्जय सिंह कांग्रेस के बड़े नेता हैं इसलिए कमलनाथ की सरकार के पुलिस वालों को भगवा साफा पहनना पड़ रहा है…

वैसे दिग्विजय सिंह के रोड शो में कई साधू दिखाई दिए… इन्हीं में एक साधू ने जो कहा है उसे जानने के बाद कंप्यूटर बाबा क्या दिग्विजय सिंह भी सकपका जायेंगे… दरअसल मथुरा से भोपाल पहुंचे एक साधू ने कहा कि हमें पता नहीं था कि कोई कंप्यूटर बाबा हैं जो किसी राक्षस का सपोर्ट करने बुला लिए हैं. ये राक्षस धर्म के मर्म को जानते नहीं. जो आदमी साध्वी प्रज्ञा को जेल में डलवा दिया, यातनाएं दीं, हिंदू को आतंकवादी कहता था, जो जाकिर नाइक को अपना आदर्श और शांति का दूत बताता है. ऐसे लोगों का साधु वेश में समर्थन करने वाले लोग पाप कर रहे हैं.. विडियो में साफ़ साफ़ सूना जा सकता है कि साधू कह रहे हैं कि उन्हें पूजा पाठ के नाम पर बुलाया गया.. उन्हें नही पता था कि उन्हें दिग्विजय सिंह का प्रचार करने के लिए बुलाया गया है. साधू ने कहा कि हमें बोला गया था यहां भंडारा है, आ जाओ. हम लोग आ गए. हमें लगा था कि सत्संग है लेकिन ये तो पूरी तरह से राजनैतिक कार्यक्रम है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वैसे दिग्विजय सिंह को इस बार तगड़ी चुनौती मिल रही है इसके साथ ही साध्वी प्रज्ञा के सामने होने से सीट हाईप्रोफाइल हो गयी है.

जिस पर सबकी नजरें बनी हुई हैं. साध्वी प्रज्ञा भी जमकर प्रचार कर रही हैं और हिन्दू आतंकवाद शब्द कहने वाले के खिलाफ वोट मांग रही हैं. हालाँकि ये तो चुनाव के नतीजे ही बताएँगे कि साधुओं से रैली करवाना, पुलिस वालों को भगवा पहनाना और चुनाव में हिंदुत्व की बात करना दिग्विजय सिंह के लिए कितना फायदेमंद रहा.