प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए योगी सरकार का एक और धमाकेदार कदम !

कोरोना वायरस अब भारत में अपना उग्र रूप दिखा रहा है. अमेरिका में एक साथ तेजी से बढ़े मामलों के बाद अब भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए ही सरकार ने लॉकडाउन को और आगे बढ़ाने का फैसला लिया था. अब पूरे भारत में 17 मई तक के लिए लॉकडाउन लागू किया है. इसी बीच सरकार की परेशानी और बढ़ गयी है.

जानकारी के लिए बता दें पिछले दो दिनों में भारत में सबसे ज्यादा ढाई हजार रोज मरीज बढे हैं जिसके बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 42 हजार के पार हो गयी है. वहीँ सभी राज्यों की सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अपने राज्य के बाहर फंसे हुए मजदूर और लोग हैं. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय अपने राज्य के लोगों को निकालने के लिए एक के बाद एक बड़े कदम उठा रहे हैं.

अब सीएम योगी ने एक बैठक के बाद बाहर फंसे हुए प्रवासी कामगारों मजदूरों को सुरक्षित उनके घर तक पहुँचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. जी हाँ सीएम योगी अब प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए 10 हजार बसों की व्यवस्था कर लोगों को घर तक पहुँचाने के लिए लगायेंगे, इतना ही नहीं सभी लोगों मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए 50 हजार से मेडिकल टीम भी लगाई गयी है.

गौरतलब है कि सोमवार को गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र से 5 अलग-अलग ट्रेनें प्रवासी मजदूरों को उत्तरप्रदेश पहुंचाएंगी. जिसके बाद इन सभी लोगों को जिलों में बनाये गये क्वारंटाइन सेंटर में रखा जायेगा. फिर उनका मेडिकल टेस्ट होने के बाद घर भेजने का फैसला लिया जायेगा. सीएम योगी अपने राज्य के लोगों को निकालने के लिए एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं. यूपी में फ़िलहाल 11 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था क्वारंटाइन सेंटर में की गयी है. इतना ही नहीं वहां सभी लोगों को कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था भी करवाई जाएगी.