जानिए सीएम योगी ने कोरोना के चलते ऐसा क्या फैसला ले लिया जो आरएसएस कर रही है विरोध?

कोरोना के हर दिन बढ़ रहे प्रकोप के चलते पूरे देश मे पीएम मोदी ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया था. लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए आगे बढ़ा दिया था. इसके बावजूद भी हालात नही सुध रहे जिसके बाद सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. लॉकडाउन बढ़ने के बाद भी मरीजों की संख्या का ग्राफ गिरने की बजाय हर दिन बढ़ और रहा है. भारत में मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो रहा है.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना वायरस से भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 63 हजार के करीब पहुंच गयी है. पूरे देश ले लॉकडाउन के बावजूद भी हालात ऐसे हैं कि सारे कामकाज ठप्प हो गये हैं. वहीँ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक करके बड़े कदम उठा रहे हैं. सीएम योगी ने मजदूरों को लेकर आखिर ऐसा क्या कदम उठा लिया है कि विपक्षी दलों के साथ आरएसएस से जुड़ा संगठन भी इसके विरोध में आ गया है.

दरअसल उत्तरप्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश की सरकार ने श्रम कानूनों में ढील देने का फैसला लिया है. सीएम योगी के इस फैसले के बाद आरएसएस के भीतर भारतीय मजदूर संघ BMS ने श्रम कानून में इस परिवर्तन मजदूर विरोधी बताते हुए विरोध करना शुरू कर दिया है. संगठन के प्रवक्ता ने कहा है कि यह अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों का उलंघन है. इसी के साथ उन्होंने आगे कहा है कि सरकार को इस फैसले के लिए तुरंत वापस लेना चाहिए. अगर ऐसा न हुआ तो वह इस फैसले को लेकर प्रदर्शन करेंगे.

गौरतलब है कि कोरोना के संकट से ठप पड़े कारोबार को गति देने के नाम पर यूपी में औद्योगिक इकाइयों प्रतिष्ठानों और कारखानों को एक हजार दिन यानी कि लगभग तीन साल के श्रम कानूनों में छूट दे दी है. मजदूर संगठनों के साथ ही विरोधी दलों का भी ये कहना है कि औद्योगिक घरानों को मिली इस छूट का खामियाजा राज्य सरकार को भुगतना पड़ेगा.