सीएम योगी आदित्यनाथ को इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किया फोन और कही इतनी बड़ी बात, जानिए वजह

कोरोना से इस समय पूरा देश ही नहीं बल्कि दुनिया जूझ रही है. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इस महामारी से निपटने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है और एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही हैं, जिससे लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी कोरोना का कहर थम नही रहा है. हर दिन कोरोना के मरीजों की संख्या बेशुमार बढ़ रही है जिसने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है. अब भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या 53 हजार के पार हो गयी है.

जानकारी के लिए बता दें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक के बाद एक बड़े कदम अपने राज्य की जनता को लेकर उठा रहे हैं. पूरे देश में जारी लॉकडाउन के बीच अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं और उन्हें घर तक पहुँचाने का काम कर रही है. कोरोना के चलते एक तरफ सीएम योगी अपनी राज्य के लोगों की भलाई सोच रहे हैं वहीँ दूसरी ओर एक बड़ी खबर आ रही है.

दरअसल यूपी अपने राज्य के मजदूरों को उनके घर मार्च अंत तक वापस लाने वाले पहला राज्य था. अब सीएम योगी आदित्यनाथ को 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने फोन कर बड़ी बात कह दी है. इन मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि अब सीएम योगी प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक नहीं पहुंचाएं उन्हें पंजाब, हरयाणा, कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने फोन कर कहा कि वह उत्तरप्रदेश के मजदूरों को वापस नही बुलाएं.

गौरतलब है कि इन सभी मुख्यमंत्रियों ने कहा योगी से कहा कि उन्हें अपने राज्य के मजदूरों को वापस लाने की आवश्यकता नहीं है, उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के नए नियमों के बीच उनका ख्याल रखा जायेगा. इन सभी मुख्यमंत्रियों के इस कदम के पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि इन प्रवासी मजदूरों के चले जाने से लॉकडाउन के बाद उनके राज्यों में आर्थिक पुनरुद्धार में बाधा आने की संभावना होगी. यूपी में अब तक 6.5 लाख प्रवासी मजदूरों को वापस लाया जा चुका है. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने जानकारी देते हुए बताया था कि “उन तीन हफ्तों में, हमने सबसे पहले बैंकिंग प्रस्तावों को पूरा करने में कड़ी मेहनत की है. मैंने बैंकों के साथ तीन बैठकें कीं और हमने छोटे व्यवसायों के लिए 20,000 से अधिक ऋण प्रस्तावों को मंजूरी दी है. ये प्रस्ताव महामारी से पहले से लंबित है.