मीटिंग के दौरान जब CM योगी के करीबी बल्लू राय ने सीएम को दी पर्ची और फिर जो हुआ वो जानकर यकीन नही होगा

89 साल की उम्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद बिष्ट का दिल्ली में एम्स अस्पताल में निधन हो गया है. उनकी तबियत पिछले कई दिनों से ठीक नही थी जिसके चलते वह दिल्ली के एम्स में भर्ती थे. सोमवार 20 अप्रैल को 10:45 मिनट के आसपास उन्होंने अंतिम सांस लेकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया. सीएम योगी के पिता को किडनी और लीवर में समस्या थी. जिसके चलते वह 13 मार्च से एम्स में भर्ती थे.

सीएम योगी के पिता आनंद बिष्ट फारेस्ट रेंजर के पद से साल 1991 में रिटायर हो गये थे और तभी से अपने पैतृक गाँव उत्तराखंड के यमकेश्वर के पचूर गाँव में रहते थे. सीएम योगी रोज की तरह समयानुसार मीटिंग के लिए हॉल में आये लेकिन उनके चेहरे पर साफ़ पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता दिख रही थी. तभी अचानक 10 बजकर 44 मिनट पर मीटिंग में उस व्यक्ति का आना हुआ जिसे कम ही मीटिंग में आते देखा जाता था. ये शख्स कोई और नहीं बल्कि सीएम योगी का ख़ास बल्लू था.

बल्लू के चेहरे पर दुःख का भाव साफ़ झलक रहा था. मीटिंग के दौरान बल्लू ने एक पर्ची मुख्यमंत्री को दी, जिसे पढ़कर मुख्यमंत्री योगी ने किसी से बात कराने का आदेश दियाम जिसके बाद बल्लू ने फोन लगाया और सीएम योगी बात करने लगे. महज एक मिनट बात होने के बाद सीएम योगी ने कहा कि वह मीटिंग के बाद बात करेंगे. बल्लू ये करने के बाद चला जाता है. फिर कुछ क्षण के लिए सीएम योगी शांत हो जाते हैं और फिर वो मीटिंग में अधिकारियों से सवाल जवाब करना शुरू कर देते हैं जैसे हर दिन मीटिंग हुआ करती थी. इसी बीच उनकी आँखें नम हो चुकी थी.

गौरतलब है कि पिता के निधन की खबर के बाद भी उन्होंने प्रदेश की जनता की सेवा को प्राथमिकता दी और कोरोना से लड़ने के लिए रणनीति बनाते रहे. उन्होंने २३ करोड़ की जनता की सुरक्षा की चिंता का फर्ज निभाया और राजधर्म को ही प्राथमिकता दी और लॉकडाउन के बाद अपने गाँव जाने का फैसला किया.